सौंफ रसोईघर में पाये जाने वाले मसालों में अति लोकप्रिय है। भारतीय इसका प्रयोग काफी करते हैं। अधिकतर हर भारतीय के घर पर सौंफ भोजन करने के पश्चात् खाना पचाने के लिए प्रयोग में लाई जाती है। उसका दूसरा लाभ यह है कि यह मुख की दुर्गन्ध को भी दूर करती है। सौंफ स्वाद में तीक्ष्ण और वज़न में काफी हल्की होती है। सौंफ मसालों में प्रयोग के साथ साथ घरेलू औषधि नुस्खों में भी प्रयोग की जाती है। इसे साफ करके प्रयोग में लाना चाहिए। आइए देखें, कितनी गुणकारी है सौंफ :-
कब्ज दूर करने के लिए
-हल्का कब्ज होने पर सौंफ का चूर्ण एक चम्मच और 2-3 चम्मच गुलकंद प्रतिदिन एक बार दोपहर के भोजन के एक घंटे बाद खाने से दूर हो जाती है।
-ताज़गी और तरावट बनाए रखने के लिए शरीर में मस्तिष्क को ताजा रखने के लिए प्रतिदिन सुबह शाम सौंफ, मिश्री और छोटी इलायची के दानों का समभाग महीन चूर्ण करके मिश्रण तैयार कर लें। प्रतिदिन 1-1 चम्मच चूर्ण पानी या दूध के साथ लें।
नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए
नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए नियमित रूप से 5 से 6 माह तक सौंफ और मिश्री 1-1 चम्मच मिला कर सोते समय दूध के साथ लें।
शिशु के लिए
छोटे शिशुओं को सौंफ का पानी दिन में 1-2 बार दूध में 1-1 चम्मच मिलाकर पिलाने से कई लाभ होते हैं। दांत निकलते समय सौंफ का पानी शिशुओं को अवश्य देना चाहिए। इससे शिशु का स्वास्थ्य ठीक बना रहता है। इससे बच्चे का पेट नहीं फूलता और हरे पीले दस्त में भी लाभ मिलता है।
घमौरियां दूर करने के लिए
ग्रीष्म ऋतु में अक्सर शरीर पर घमौरियां (पित्त) हो जाती है। इसे दूर करने के लिए सौंफ को पानी में पीसकर पतला लेप लगाने से घमौरियां दूर होती हैं। 50 ग्राम सौंफ मोटी मोटी कूट कर छोटे मिट्टी के बर्तन में पानी में डाल कर रात्रि में रख दें। सुबह उस पानी से स्नान करने पर भी घमौरियों में आराम मिलता है।
मन्दाग्नि दूर करने के लिए
मन्दाग्नि ठीक करने के लिए भोजन के बाद 10 ग्राम सौंफ खूब चबा चबा कर खायें या 1 चम्मच सौंफ का अर्क आधे कप पानी में घोलकर पीएं। इससे मंदाग्नि ठीक होती है।
-नीतू गुप्ता(स्वास्थ्य दर्पण)