संपूर्ण भोजन है दही सांकेतिक चित्र इंटरनेट से साभार
संजीवनी

संपूर्ण भोजन है दही

आहार

कई देशों में, खास तौर पर अफ्रीका और एशिया में दही एक महत्त्वपूर्ण और सम्पूर्ण आहार माना जाता है। पुराने जमाने में खानाबदोश और कई देशों में आदिवासी इसी के सहारे जिंदा रहते थे। यह आहार बनाना उनके लिए सबसे आसान था। आमतौर पर वे गाय व बकरियां तो पालते ही थे। वे लोग कई तरीके से दही जमाते थे। कभी-कभी सड़ती हुई सब्जी का जामन लगा कर तो कभी खमीरयुक्त आटा लगाकर, इसलिए दही का गाढ़ापन और रंग और उसकी खुशबू भिन्न भिन्न प्रकार की होती थी।

ताकत, सुंदर त्वचा और लम्बी आयु, इन सब चीजों से दही का नाम जुड़ा हुआ है। सन् 1907 में लुई पास्चर नाम के वैज्ञानिक ने इनके बारे में एक खोज की। यह देखा गया था कि बुल्गारिया में रहने वाले लोग खूब तन्दुरुस्त थे। उनकी त्वचा में रौनक थी और वे लम्बी आयु तक जीते थे। पता लगा कि वे लोग दही का अधिक सेवन करते थे। लुई पास्चर ने इसके बारे में अधिक खोज की जिससे पता चला कि दही में लैक्टिक एसिड होता है जिससे व्यक्ति की उम्र पर असर होता है। इसका सेवन करने से उम्र लम्बी होती है।

घर में जमाया हुआ दही सबसे फायदेमंद होता है। आजकल खूबसूरत डिब्बों में पैक किया हुआ दही मिलता है। इसमें रंग और खुशबू मिलाई जाती है और तरह-तरह के फल, जैसे अनानास, स्ट्राबेरी इत्यादि भी मिलाये जाते हैं। घर में भी आप यह कर सकते हैं और दही को कई प्रकार से प्रयोग कर सकते हैं। यह देशी व विदेशी, दोनों प्रकार के खाने के साथ तरह-तरह के व्यंजन बनाने के काम आता है।

इसकी पौष्टिकता के बारे में ज्ञान होना भी जरूरी है। इसमें प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है। यह दूध से तीन गुणा ज्यादा आसानी से पचता है। डाॅक्टर यह भी कहते हैं कि जिनको दूध नहीं पचता, उन्हें दही दें। इसलिए मरीजों के लिए और पेट की कमजोरी वाले लोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद हैं।

इसमें प्रोटीन और विटामिन अधिक मात्रा में होता है। दही में विटामिन बी, ए और डी काफी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं जो लोग वजन घटाना चाहते हैं उनके लिये दही लाभप्रद है। इसमें कैलोरी भी कम होती है।

दही की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह परिवर्तनशील है। इसे आप सब्जी में मिला दें, इसका रायता बना दें, इसको मीठे व्यंजनों में इस्तेमाल करें जैसे श्रीखंड इत्यादि। इसमें आप कोई भी सब्जी डाल सकते हैं या फिर गुड़, शक्कर या शहद के साथ लें तो इसके गुण बढ़ जाते हैं। इससे कई प्रकार की स्मूदीज और सलाद भी बनाये जाते हैं। इसको बांध कर, पानी निकाल कर हल्के मसाले डाल कर अलग तरह की डिप बनाई जाती है जो आप नमकीन बिस्कुट या टोस्ट पर लगाकर खा सकते हैं।

दही को कभी भी बर्फ वाले खाने में न रखें। इसे फ्रिज में जरूर रखें। जितनी देर तक आप इसे बाहर रखते हैं इसमें अम्ल या खट्टापन बढ़ता है। यह बच्चों, जवान तथा बूढ़ों के लिए एक बहुत ही फायदेमंद भोजन है। आजकल समय की कमी के कारण लोग दही बनाने वाली मशीनें खरीदते हैं लेकिन आमतौर से जमाये हुई दही के गुण कुछ और ही हैं। अपनी सेहत का ध्यान रखें और खूब दही खाएं। अम्बिका (स्वास्थ्य दर्पण)

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