फिटनेस पाने के लिए जरूरी नहीं हेल्थ क्लब जाना फिटनेस चर्चा
संजीवनी

फिटनेस पाने के लिए जरूरी नहीं हेल्थ क्लब जाना

फिटनेस चर्चा

महिलाओं में शारीरिक फिटनेस को लेकर काफी जागरूकता आयी है। आज हर महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ, चुस्त और आकर्षक बनी रहना चाहती है पर इस शारीरिक फिटनेस को लेकर महिलाओं के मन में तरह तरह की भ्रांतियां हैं।

कुछ महिलाएं सोचती हैं कि पतली होकर वे शारीरिक फिटनेस पा सकती हैं और इसके लिए वे जुट जाती हैं डायटिंग करने में। कुछ दिनों में वे डायटिंग से पतली तो दिखती हैं पर उन्हें फिटनेस के बजाय कमजोरी महसूस होती है और डायटिंग के छूटते ही वजन वैसे का वैसे फिर हो जाता है, इसलिए डायटिंग से फिटनेस पाना बिलकुल मूर्खतापूर्ण बात है।

शारीरिक फिटनेस से अभिप्राय है स्वस्थ शरीर और इसको एक सप्ताह या एक महीने में नहीं पाया जा सकता। इसके लिए आपको तमाम उम्र कुछ प्रयास करने पड़ते हैं। अगर हम अपनी दादी या नानी को देखें तो हम पाएंगे कि वे हमारी उम्र में हम से ज्यादा चुस्त थीं। इसका कारण था कि वे शारीरिक श्रम अधिक करती थीं। उनके समय में झाडूवाली, बर्तन साफ करने वाली या कपड़े धोने वाली घरों में नहीं रखी जाती थी न ही कपड़े धोने हेतु मशीन थी।

संयुक्त परिवारों में भी सारा काम महिलाएं खुद करती थीं जिससे उनका शरीर फिट रहता था पर आज की जीवन शैली में महिलाओं द्वारा शारीरिक श्रम करना तो न के बराबर हो गया है। घर के कामों को तो एक तरफ रखिए, खाना बनाने में भी उन्हें आलस आता है।

ऐसी जीवन शैली में महिलाएं शारीरिक फिटनेस पाने के लिए हेल्थ सेंटर ज्वाइन करती हैं पर वहां भी दो-तीन महीने जाने के पश्चात् उन्हें बोरियत हो जाती है और वे पुन: अपनी लकीर पर लौट आती हैं। फिटनेस पाना कोई बहुत मुश्किल कार्य नहीं है। बस जरूरत है अपनी जीवन शैली में थोड़े बदलाव की। आइए जानें कि फिट रहने के लिए क्या जरूरी है-

फिट रहने के लिए सबसे जरूरी है व्यायाम करना। इससे हमारी मांसपेशियां, हृदय व फेफड़े सुचारु रूप से काम करते हैं और शरीर की अतिरिक्त चर्बी घुलती है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। व्यायाम से गंभीर रोगों जैसे मधुमेह, ओस्टिओपोरोसिस, जोड़ों का दर्द, आर्थराइटिस, कमर दर्द, व हृदय रोगों से सुरक्षा मिलती है। व्यायाम में आप कोई भी हल्के व्यायाम जैसे तैराकी, एरोबिक्स, पैदल चलना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, सीढ़ियां चढ़ना-उतरना, जाॅगिंग जो भी आपको सुविधाजनक लगें, नियमित करें।

अगर आप कार्यरत हैं और आपका ऑफिस अधिक दूरी पर नहीं है तो कोशिश करें कि ऑफिस पैदल जाएं। कार या अन्य वाहन का प्रयोग न करें। हां, अगर कोई शारीरिक अस्वस्थता हो तो बेशक अपनी सुविधा और अपने शरीर की कार्यक्षमता के अनुसार निर्णय लें।

फिट रहने के लिए यह भी आवश्यक है कि आप संतुलित आहार लें जिससे आपके शरीर को उन सभी तत्वों की प्राप्ति हो सके जो स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक हैं। साथ ही ध्यान रखें कि वसा व नमक का सेवन कम मात्रा में करें। वसायुक्त खाद्य पदार्थ शरीर की चर्बी को बढ़ाते हैं जिससे आप मोटापे का शिकार हो सकती हैं। संतृप्त वसा के सेवन के बजाय असंतृप्त वसा का सेवन करें। फलों व सब्जियों की मात्रा को भोजन में बढ़ाएं। सुबह के नाश्ते में फल, अंकुरित दाल व फलों का रस आदि लें।

फिटनेस का यह मतलब नहीं कि आप सारा दिन हिम्मत न होते हुए भी कार्य करने में जुटी रहें और बाद में आपकी तबियत खराब हो जाए। अपनी कार्यक्षमता अनुसार काम करें और आराम भी करें ताकि आपका शरीर स्वस्थ रहे।

फिटनेस के लिए यह भी आवश्यक है कि आप किसी नशे की आदी न हों चाहे वह सिगरेट हो या शराब या अन्य नशीले पदार्थ। नशीले पदार्थों का सेवन आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।

कम से कम आठ घंटे की नींद अवश्य लें। नींद अगर पूरी न हो तो भी व्यक्ति आलस्य महसूस करता है और किसी काम में दिल नहीं लगा पाता।

तनाव का भी व्यक्ति की शारीरिक फिटनेस पर बुरा असर पड़ता है क्योंकि जब मन स्वस्थ नहीं तो तन कैसे स्वस्थ हो सकता है, इसलिए तनावमुक्त रहने की कोशिश करें।

सोनी मल्होत्रा(स्वास्थ्य दर्पण)

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