आखिर क्यों नहीं आती नींद ? आखिर क्यों नहीं आती नींद ?
संजीवनी

आखिर क्यों नहीं आती नींद?

नींद

नींद एक स्वाभाविक और प्राकृतिक क्रिया है, वैसी ही जैसे हम सांस लेते हैं। दिनभर हमारा मस्तिष्क क्रियाशील रहता है और तनाव से अनवरत जूझता रहता है जिसकी वजह से वह इतना थक जाता है कि सहज ही विश्राम की मांग करने लगता है। चिकित्सकों के अनुसार अच्छी सेहत के लिए नींद सबसे जरूरी है। औसतन व्यक्ति को प्रतिदिन आठ घंटे की नींद चाहिए।

यह व्यक्ति पर भी निर्भर करता है कि उसके शरीर को कितना आराम पर्याप्त होगा। कई व्यक्तियों को दस से बारह घंटे सोने की आदत होती है तो कुछ व्यक्ति छह घंटे की नींद के बाद ही स्वयं को तरोताजा महसूस करने लगते हैं।

पाश्चात्य देशों की भौतिकवादी जीवन शैली के चलते पिछले कई वर्षों में लोगों की नींद में भारी कमी अनुभव की गई है। हम न चाहते हुए भी समय-समय पर तनाव का शिकार बनते रहते हैं जिसका सीधा असर नींद पर पड़ता है। तनाव के कारण होने वाली यह एक मानसिक बीमारी अनिद्रा है जो आनुवंशिक कारणों से भी हो सकती है।

यह बीमारी बड़ी तेजी से विश्व में और लगभग हर आयु वर्ग में फैल रही है लेकिन तनाव से निपटने का सर्वोत्तम उपाय केवल एक गहरी अच्छी नींद है जिसमें दिन भर के थके शरीर को शारीरिक और मानसिक क्षति-पूर्ति होती है। तो आइये ज्योतिषी एवं विशेषज्ञों द्वारा दिए गए कुछ सुझाव को अपनायें।

ज्योतिषियों के अनुसार रात को सोने से पहले अपने हाथ पैर जरूर धोएं। दरअसल सोने का कार्य शुक्र ग्रह का है तथा शुक्र सफाई पसंद ग्रह है। जिन लोगों का शुक्र कमजोर हो तो उन्हें खास तौर पर सफेद या हल्के नीले रंग की प्रेस की हुई चादर पर ही सोना चाहिए। रात को सोते समय चांदी या स्टील के बर्तन में जल रखकर अपने सिरहाने रख कर सोएं। उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर से मैंग्नेटिक रेंज चुम्बकीय तरंगें चलती हैं।

हमारे शरीर के खून में लौह तत्व होने की वजह से हमें अपना सिर हमेशा दक्षिण में रखना चाहिए, सिर दक्षिण और पैर उत्तर की ओर। अगर किन्हीं कारणों से हम दक्षिण उत्तर दिशा की ओर न सो पायें तो सिर पूर्व में और पैर पश्चिम दिशा में हो। 17 वर्ष के कम उम्र के बच्चे सिर्फ नार्थ ईस्ट सोएं व पढ़ें। नया शादीशुदा जोड़ा साउथ-ईस्ट, घर के मेहमान नार्थ-वेस्ट, घर के बड़े बुजुर्ग साउथ-वेस्ट सोएं।

विशेषज्ञों के अनुसार ताजा हवा, हल्का संगीत और योग शरीर को तनाव मुक्त करते हैं। सोने के लिए इनका सहारा लें। सोने से पहले भारी व्यायाम न करें। यह शरीर का तापमान बढ़ा देता है और नींद देरी से आती है।

रात को सोने और सुबह उठने के लिए समय निर्धारित करें। रोजाना देर रात तक काम मत करो। इससे आपका शरीर देर से सोने का आदी बन जाएगा और चाह कर भी जल्दी नहीं सो पाएंगे। अगर बिस्तर पर लेटे नींद नहीं आ रही तो उठकर कोई पुस्तक पढ़ें या कोई हल्का-फुल्का काम करें या मधुर संगीत सुने। थोड़ी देर में नींद आ जाएगी।

सोने के लिए नींद की गोलियों और शराब का सहारा न लें। ये शरीर पर दुष्प्रभाव डालते हैं। महिलाओं में मासिक धर्म से थोड़ा पहले प्रोजेस्टेरॉन नामक हार्मोन बढ़ जाता है जिससेे दिन भर थकावट लगती है और दर्द महसूस होता है। इसे काबू करने के लिए नमक और कैफीन युक्त चीजों का सेवन कम करें और व्यायाम करें। ये शरीर को तनाव मुक्त कर नींद लाने में सहायक हैं। संजय कुमार सुमन(स्वास्थ्य दर्पण)

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