शारीरिक श्रम  सांकेतिक चित्र इंटरनेट साभार
संजीवनी

शारीरिक श्रम बचाता है बहुत सी बीमारियों से

जीवनशैली

विशेषज्ञों के अनुसार आज की आरामपसंद व गलत जीवन शैली के कारण कई

आर्थोपेडिक समस्याएं जैसे स्पांडिलाइटिस, पीठ दर्द, ओस्टियोपोरोसिस और हृदय रोगों

जैसे उच्च रक्तचाप, एंजाइना व हृदयाघात की संभावना बढ़ती जा रही है।

यही नहीं, इंटरनेट और टी.वी. के विभिन्न चैनल बच्चों की आंखों को प्रभावित कर रहे

हैं जिसके फलस्वरूप छोटे-छोटे बच्चे आंखों का चश्मा लगाए नजर आते हैं। सबसे

गंभीर रोग मोटापे से पीड़ित लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

हाल ही में किए गए एक शोध से सामने आया है कि मोटे व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप

होने की संभावना आम व्यक्ति से तीन गुना अधिक होती है। यही नहीं, जिन

व्यक्तियों का वजन साधारण से 20 प्रतिशत अधिक पाया गया, उन्हें उच्च रक्तचाप

होने की संभावना 10 गुना अधिक पायी गयी।

मोटे व्यक्तियों में मधुमेह होने की संभावना भी अधिक होती है। मोटे व्यक्तियों में

शारीरिक चर्बी और कोलेस्ट्रोल का स्तर अधिक होता है जिससे रक्तवाहिनियों में चर्बी

के जमाव की संभावना भी बढ़ जाती है। मोटे व्यक्तियों में कैंसर की संभावना अधिक

होती है।

मोटी महिलाओं में स्तन कैंसर, गाल ब्लैडर और गर्भाशय का कैंसर होने की संभावना

अधिक और पुरुषों में कोलोन, प्राॅस्टेट और गुदा का कैंसर होने की संभावना अधिक

होती है। इसके अतिरिक्त मोटे व्यक्तियों में हर्निया, घुटनों में दर्द व कमर दर्द आदि

समस्याएं भी आम देखने को मिलती हैं, इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार शारीरिक श्रम

का होना बहुत जरूरी है ताकि आपका वजन भी नियंत्रित रहे और आप कई गंभीर

रोगों से भी बचे रहें।

वजन नियंत्रण के लिए संतुलित भोजन लें और नियमित व्यायाम करें। नियमित

व्यायाम से आपकी मांसपेशियां तो मजबूत रहेंगी ही, साथ ही अस्थिक्षरण, हृदय

रोगों व अन्य गंभीर रोगों से भी आपको सुरक्षा मिलेगी। सोनी मल्होत्रा(स्वास्थ्य दर्पण)

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