म्यांमार एयरवेज इंटरनेशनल के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर थू रा सान 
संजीवनी

म्यांमार के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने कोलकाता में जीती दोहरी जंग

प्रोस्टेट कैंसर और गंभीर हृदय ब्लॉकेज को दी मात

Madhur Chaturwadi

कोलकाता : आकाश में विमानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने वाले म्यांमार एयरवेज इंटरनेशनल के 52 वर्षीय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर थू रा सान ने धरती पर जिंदगी की एक बेहद कठिन लड़ाई जीती। मंडाले के रहने वाले थू रा सान को प्रोस्टेट कैंसर और दिल की गंभीर बीमारी जैसी दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ा, जिसका कोलकाता के एक निजी अस्पताल में सफल उपचार किया गया।

क्या था पूरा मामला?

थू रा सान पिछले साल प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल, कोलकाता पहुंचे थे। यहां जांच के दौरान सीनियर कंसल्टेंट और यूरो-ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में रोबोटिक सर्जरी किए जाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, सर्जरी से पहले जांच में एक अत्यंत गंभीर समस्या सामने आई। मरीज की लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी में 99 प्रतिशत ब्लॉकेज पाई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सर्जरी तुरंत रोक दी गई। डॉक्टरों ने पहले दिल की बीमारी का इलाज करने का निर्णय लिया।

दो चरणों में हुआ जटिल इलाज

पहले चरण में, डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी कर उनकी धमनी में स्टेंट प्रत्यारोपित किया। इस दौरान उन्हें हार्मोनल थेरेपी प्रदान की गई।करीब आठ महीने बाद, थू रा सान दोबारा कोलकाता लौटे और पिछले सप्ताह के अंतिम सप्ताह में उनकी रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। सर्जरी के करीब 10 दिन बाद फॉलोअप जांच में उनकी ट्यूब और टांके हटा दिए गए और रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उन्हें म्यांमार वापस लौटने की अनुमति दे दी गई।

अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि म्यांमार से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए बर्मी भाषा के अनुवादक और इंटरनेशनल पेशेंट केयर टीम तैनात रहती है, जो एयरपोर्ट पिकअप से लेकर इलाज और स्वदेश वापसी तक हर कदम पर मदद करती है।

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