नवीनतम शोधों से यह सामने आया है कि मधुमेह और हृदय रोगों का प्रमुख कारण है निष्क्रिय जीवन शैली। इसी कारण से भारत में मधुमेह और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारतीय भी पश्चिम के जीवन की भांति शारीरिक श्रम करने से कतरा रहे हैं और पूरी तरह मशीनों पर निर्भर होते जा रहे हैं। आज पश्चिम की देखा देखी जंक फूड का प्रचलन भी बढ़ता जा रहा है जो केवल बीमारियां ही दे रहा है। मधुमेह के रोगियों में रक्त में पाई जाने वाली शर्करा दिल की धमनियों में जमा होने लगती है और धमनियों के लचीलेपन व संकुचन में कमी आने लगती है, इसीलिए मधुमेह के रोगियों को हृदय रोगों की संभावना अधिक होती है। जब हम कोई शारीरिक श्रम करते हैं तो इस शर्करा का उपयोग होता है पर निष्क्रिय जीवन शैली होने पर ये हमारे शरीर में जमा होने लगती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर व्यक्ति अपनी जीवन शैली में परिवर्तन ले आए और शारीरिक श्रम करे जैसे व्यायाम करना व सैर करना तो वह किसी हद तक इस बीमारियों पर काबू पा सकता है। (स्वास्थ्य दर्पण)