आँखें ईश्वर की अमूल्य देन हैं। इनका महत्त्व वे ही जानते हैं, जिनकी आँखें नहीं हैं या दुर्घटना-वश क्षीण हो गई हैं। जो चश्मा लगाते हैं, वे भी कुछ कम परेशान नहीं हैं। इन कुछ क्रियाओं से आप अपनी आँखों को स्वस्थ रख सकते हैं क्योंकि बिना आँखों के जीवन में अंधेरा है। आँखें शरीर का एक अति कोमल अंग हैं। इनकी सुरक्षा में सावधानी परम-आवश्यक है। कहते हैं दाँत गए, स्वाद गया और आँखें गईं तो जहान गया। हमें आँखों को सुन्दर एवं ताज़ा रखने के निम्न उपाय जरूर अपनाने चाहिए-
प्रातः उठते ही नहाते समय आँखों को ठण्डे पानी से धोइए।
तेज़ धूप में गहरे रंग के चश्मे का प्रयोग करें। इससे आपकी आँखें सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बच जाएँगी और धूल-कणों से भी बचाव हो जाएगा।
टेलीविजन कम देखें। यदि देखना भी हो तो 10 फीट की दूरी पर प्रकाश में देखें। लगातार टकटकी मत लगाएं।
प्रातः काल घूमते हुए नंगे पाँव हरी घास पर चलें। इससे एक्यूप्रेशर द्वारा आपकी आँखों एवं चेहरे की सुन्दरता में वृद्धि होती है।
पैरों के तलवों पर और अँगूठे पर तेल की विशेष मालिश करें। इससे नेत्र-ज्योति बढ़ेगी।
कभी भी लेट कर मत पढ़ें। लगातार मत पढ़ें। बल्ब की रोशनी पीछे से किताब पर पड़नी चाहिए, आँखों पर नहीं।
बिना डॉक्टर से पूछे आँखों में सस्ती या पुरानी दवा नहीं डालनी चाहिए।
मानसिक तनाव, गुस्सा, परेशानी, कब्ज़, ज्यादा मिर्च-मसाले, शराब, अफीम से आँखों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, इनसे बचें।
आंसू आने पर इन्हें मत रोकें-बह जाने दें। इनसे आपका मन भी हल्का हो जाता है और आँसुओं में एक विशेष एंजाइम लाइसोज़ाईन होता है जो आँखों के बैक्टीरिया को मार देता है।
आंखों की रोशनी की वृद्धि के लिए आप हरी सब्जि़यां, गाजर विटामिन ए,बी, सी खाएँ।
सूर्य या चमकदार प्रकाश स्रोत को टकटकी लगा कर मत देखें। इससे आंखों का रेटिना एवं कोण कोशिकाएँ प्रभावित हो जाती है।
वैल्डिंग वाली तेज रोशनी को बिना काले काँच के मत देखें। इससे अंधे होने की संभावना बढ़ जाती है। आइरिस पेशियों की क्षमता क्षीण हो जाती है।
लगभग 7 घण्टे नींद रोजाना पूरी करनी चाहिए। नींद के बिना आँखों की प्राकृतिक चमक कम हो जाती है। वे रूखी और सूनी हो जाती हैं।
रात को जागें मत।
आँखों में मिट्टी के कण पड़ने पर इन्हें मलें नहीं। इससे कार्निया खराब हो सकता है। पानी से धो लें आँखों को।
आप प्रकृति के इन दो अनमोल नग या ‘हीरों’ की सुरक्षा करें तो जीवन-जोत जगमगाने लगेगी। जिंदगी खुशियों का खजाना लगेगी।
(स्वास्थ्य दर्पण)विजेन्द्र कोहली