दैनिक आहार में साग-सब्जियों का बहुत ही महत्त्व है। सब्जियां भोजन को पचाने एवं पाचन क्रि या को मजबूत करने में सहायता करती हैं। सब्जियों में वे सभी पौष्टिक तत्व उपलब्ध रहते हैं जिनका भोजन में अभाव रहता है।
हरी सब्जियां प्रोटीन एवं विटामिन से युक्त होती हैं। नियमित प्रयोग से व्यक्ति स्वस्थ, चुस्त एवं दीर्घजीवी होता है। हरी सब्जियां एसिड पदार्थों को नष्ट करती हैं तथा कब्ज होने से बचाती हैं। शरीर को क्रि याशील बनाए रखने और उसके विकास के लिये हरी सब्जियों की बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
हमारे आहार में प्राय: कैल्शियम, फास्फोरस और लोहा जैसे तत्वों का अभाव रहता है और इनकी पूर्ति सब्जियों के द्वारा ही हो सकती है। टमाटर, पालक, प्याज, बन्दगोभी, फूलगोभी, सेम, मटर, कैल्शियम तथा फास्फोरस से भरपूर सब्जियां हैं। पत्तेदार सब्जियों में सेल्युलोस रेशा बहुत अधिक होता है। इन सब्जियों के प्रयोग से कब्ज और आंतों की बीमारियां नहीं हो पाती।
शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाये रखने के लिये विटामिन युक्त पदार्थों को लेना नितांत आवश्यक है। टमाटर, पालक, गाजर, शकरकंद तथा बंदगोभी विटामिन ए के स्रोत हैं विटामिन बी सेम, मटर, टमाटर, फूलगोभी में पाया जाता है। इससे बेरी-बेरी रोग की रोकथाम होती है और भूख बढ़ती है। विटामिन सी स्कर्वी रोग की रोकथाम करता है। इससे दांत एवं मसूड़े भी स्वस्थ रहते हैं। शिमला मिर्च, आलू, हरे सेम, मटर, गाजर, टमाटर और आंवला विटामिन सी के अच्छे भंडार हैं।
आहार में विटामिन डी का विशेष महत्त्व है। यह हड्डियों को मजबूत करने, सूखा रोग दूर करने तथा दांत के रोगों की रोकथाम करने में सहायक होता है। पालक, आलू, शलजम, शिमला मिर्च तथा हरे मटर विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं। आलू और शकरकंद में कार्बोहाइडेऊट्स की पर्याप्त मात्र रहती है। यह ऊर्जा प्रदान करने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दैनिक आहार में कच्ची साग सब्जियां लेना परमावश्यक है। सब्जियों के नियमित प्रयोग से शरीर में ताजगी रहती है एवं मस्तिष्क अपना कार्य सुचारू रूप से करता है। हरी सब्जियों से दांतों का व्यायाम भी हो जाता है एवं पेट से संबंधित शिकायतें नहीं रहती।
कच्ची सब्जियों से कैंसर जैसी भयावह बीमारी से भी छुटकारा पाया जा सकता है। स्वस्थ एवं दीर्घजीवी बनने हेतु क्षारीय कोष का होना नितांत आवश्यक है और यह हरी सब्जियों के प्रयोग से ही संभव है। अमर लाल साहू (स्वास्थ्य दर्पण)