उड़ान 
पाठकों की कविताएँ

उड़ान

Payel Das
किसी ने बड़ी ही खूबसूरती से कहा था कि

"साथ उसका कुछ लम्हों का था,

पर उसकी यादों के साथ रिश्ता उम्र भर का जुड़ गया।"

जिन्दगी का  वो खूबसूरत हिस्सा होती है यादें,

जो अभिन्न होता है,

पर  यादों में होता हुआ भी,

शायद ज़िन्दगी का सबसे अहम हिस्सा होता है।




हर किसी कि ज़िंदगी की कुछ भूली दास्तान होती है,

कुछ अनकहे लम्हों से भरी यादगार शाम होती है,

बस उन्हीं लम्हों की साथी होती है यादें।

हमारी पहचान, हमारी कहानी गाती है ये यादें,

जिन्हें याद करके  जी लेते हम फिर अपनी कहानी।

कुछ यादें बेशक दर्द देती हैं,

पर वह गवाह होती हैं,

उन  यादगार खुबसूरत पलों की,

जो दर्द के साथ सुकून भी देती हैं।

क्यूंकि

"यादें जो गुज़र गई है, वो अब सिर्फ क़िस्सा है,

और आने वाले कल का सपना है।"

यादों के मेले में हर पल एक नई कहानी,

हर गली, हर नुक्कड़, हर दिन, हर रात,

धूप में गरमाती सड़कों की तरह सौंधी खुशबू में डूबी शाम की तरह,

हर सुबह की रवानी है।

खिलखिलाता बचपन, अधूरी मोहब्बत,

अनदेखा अनजाना प्यार, संघर्ष भरी जवानी,

सबकी दास्तां कहती यादों की कहानी है।

Suchita Sakunia

@suchita की उड़ान
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