वन रक्षक अनीता चौधरी ‘मछली पुरस्कार’ से सम्मानित 
राजस्थान

शेरगढ़ अभयारण्य की वन रक्षक अनीता चौधरी को WWF ने किया सम्मानित

शेरगढ़ अभयारण्य की वन रक्षक अनीता ने बचाए 500 से अधिक जंगली जानवर

कोटा : राजस्थान के शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में तैनात वन रक्षक अनीता चौधरी को वन्यजीवों के बचाव और संरक्षण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘मछली पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार सोमवार को जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 'वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर' (WWF) द्वारा प्रदान किया गया और इसमें 50 हजार रुपये की इनामी राशि दी गई।

साल 2016 में वन विभाग में शामिल हुईं अनीता ने लगभग एक दशक तक शेरगढ़ अभयारण्य में सेवाएं दी हैं और इस दौरान 500 से अधिक जंगली जानवरों को बचाया, जिनमें कई दुर्लभ और खतरनाक प्रजातियां शामिल हैं।

इसके साथ ही उन्होंने वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बार संकटपूर्ण परिस्थितियों का भी सामना किया। बारां शहर से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित शेरगढ़ अभयारण्य में भारतीय तेंदुए, भालू और लकड़बग्घे जैसी कई स्तनधारी प्रजातियों का वास है।

अनीता ने बचाव कार्यों के अलावा वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोटा के सहायक वन्यजीव संरक्षक अनुराग भटनागर ने कहा, अकेले ड्यूटी करते हुए अनीता चौधरी ने मगरमच्छों सहित कई जानवरों का बचाव किया, शिकारियों को गिरफ्तार किया और स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद तेंदू पत्तों के अनधिकृत संग्रह को पूरी तरह रोका।

अनीता को विशेष रूप से मगरमच्छ बचाव अभियानों के लिए जाना जाता है। एक चर्चित घटना में उन्होंने लगभग 6 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से बचाया था, जो एक 70 वर्षीय महिला के घर में घुस गया था।

बारां के जिला वन अधिकारी विवेकानंद बड़े ने कहा, अनीता चौधरी को ‘मछली पुरस्कार’ से सम्मानित करना वन कर्मियों को वन्यजीवों के प्रति समर्पण दिखाने के लिए प्रेरित करेगा।

SCROLL FOR NEXT