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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को दी मंजूरी

41 किमी परिपथ, 36 स्टेशन और 13,000 करोड़ से अधिक निवेश

Santosh Sharma

नयी दिल्ली/जयपुर : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को बुधवार को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।

वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना के तहत 41 किलोमीटर लंबा परिपथ होगा जिसमें 36 स्टेशन शामिल होंगे और इसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।

इस परियोजना का कार्यान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (RMRCL) द्वारा किया जाएगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उद्यम है।

वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रह्लादपुरा से टोड़ी मोड़ तक उत्तर-दक्षिण परिपथ को मंजूरी दी और इस परियोजना की कुल लागत 13,037.66 करोड़ रुपये होगी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार फेज-2 कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआईए, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और स्टेडियम, अंबाबारी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख गतिविधि केंद्रों को निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा। बयान के अनुसार इसमें हवाई अड्डा क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा कि मंत्रिमंडल के इस निर्णय से जयपुर में ‘कनेक्टिविटी’ का विस्तार होगा, भीड़भाड़ कम होगी और ‘जीवनयापन में सुगमता’ आएगी।जयपुर में बुनियादी ढांचे का व्यापक उन्नयन होने जा रहा है ! जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलना सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वर्तमान में, जयपुर मेट्रो के चरण-1 में 11.64 किलोमीटर के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर प्रतिदिन औसतन लगभग 60,000 यात्री यात्रा करते हैं।

दूसरे चरण के चालू होने के साथ, मेट्रो नेटवर्क में यात्रियों की संख्या में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे जयपुर में सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी में काफी वृद्धि होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।

केंद्र सरकार ने कहा कि जयपुर में पहले चरण के तहत पहले से ही एक मेट्रो प्रणाली मौजूद है, जो मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक पूर्व-पश्चिम गलियारे के साथ संचालित होती है, जिसकी लंबाई 11.64 किलोमीटर है और इसमें 11 स्टेशन हैं।

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