जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हर वर्ग के उत्थान के लिए 'डबल इंजन' सरकार के प्रतिबद्धता से काम करने का दावा करते हुए कहा कि वह माटी कला को प्रोत्साहित करने और इस कला से जुड़े शिल्पकारों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है।
शर्मा शनिवार को यहां मुख्यमंत्री निवास पर कुम्हार, कुमावत, प्रजापत समाज के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते परिवेश में माटी कला के हितधारकों की समस्याओं का निराकरण करने तथा समाज के कल्याण एवं जीवन स्तर को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
आधिकारिक बयान के अनुसार शर्मा ने इन समाज के हित में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बढ़ई, मूर्तिकार, कुम्हार, राजमिस्त्री समेत 18 ट्रेड के दस्तकारों को पांच प्रतिशत की दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों, रेहड़ी-पटरीवालों एवं लोक कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए 'माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन किया एवं विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने के लिए कुमावत समाज की विभूतियों को ’माटी के लाल’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस बीच, शर्मा ने शनिवार को एक बैठक में अधिकारियों को मानसून पूर्व तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जयपुर एवं अन्य शहरों के नालों की सफाई समेत सुव्यवस्थित जल निकासी संबंधी कार्यों को मिशन मोड पर पूरा करने का निर्देश दिया।