जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्व खाद्य दिवस पर कांग्रेस सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए शुक्रवार को कहा कि हमें यह संकल्प और दृढ़ करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और कोई जरूरतमंद भोजन से वंचित न रहे।
गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, आज विश्व खाद्य दिवस के मौके पर हमें यह संकल्प और दृढ़ करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और कोई भी जरूरतमंद भोजन से वंचित न रहे।
उन्होंने केंद्र की पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में खाद्य सुरक्षा कानून लागू किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की संवेदनशील सोच से प्रेरित होकर यह कानून लागू किया गया था जिसने देश के करोड़ों लोगों के लिए भोजन का अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में उनकी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ‘कोई भूखा न सोए’ के संकल्प को साकार करने के लिए इंदिरा रसोई योजना शुरू की थी जिसके तहत जरूरतमंद लोगों को मात्र आठ रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया।
गहलोत ने कहा कि आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए मुख्यमंत्री निःशुल्क अन्नपूर्णा खाद्य पैकेट योजना भी शुरू की गई थी जिसके तहत जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।