जयपुर : राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के दूसरे चरण के तहत बुधवार को मतदान प्रक्रिया जारी है। सुबह 7 बजे शुरू हुए इस मतदान में शुरुआती तीन घंटों यानी सुबह 10 बजे तक कुल 13.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
राज्य निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मतदान को लेकर ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही काफी उत्साह देखा गया। इस मतदान में लोगों की लंबी कतारें नजर आईं।
दूसरे चरण के इस चुनाव में सबसे अधिक मतदान कोटा की खैराबाद पंचायत समिति में दर्ज किया गया, जहां शुरुआती तीन घंटों में ही 20.60 प्रतिशत वोट पड़े। यह मतदान प्रदेश के 22 जिलों में आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत जिला परिषदों के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों के प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है।
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि इस त्रिस्तरीय व्यवस्था में प्रत्येक मतदाता को दो मत डालने का अधिकार है- पहला जिला परिषद सदस्य चुनने के लिए और दूसरा पंचायत समिति सदस्य के निर्वाचन के लिए।
इस लोकतांत्रिक उत्सव में आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर जिले के एक मतदान केंद्र पर पहुंचकर आम नागरिकों की तरह अपना वोट डाला। मतदान के दौरान युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
सीकर जिले की नीम का थाना पंचायत समिति के गणेश्वर गांव में एक प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जहां 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला माली देवी को उनके परिजन विशेष रूप से मतदान केंद्र लेकर आए और उन्होंने अपना वोट कास्ट किया।
हालांकि, कुछ जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण मतदान प्रक्रिया की शुरुआत में कुछ व्यवधान भी आया। जोधपुर की तिवरी पंचायत समिति में ईवीएम की खराबी की वजह से दो बूथों पर मतदान प्रभावित रहा।
इसी प्रकार, अजमेर के दो मतदान केंद्रों पर भी मशीनी समस्याओं के कारण मतदान तय समय से करीब आधा घंटा देरी से शुरू हो सका। झुंझुनूं की सिंघाना पंचायत समिति के मुरादपुर गांव स्थित बूथ संख्या 71 पर तो पहला वोट पड़ते ही ईवीएम ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों की सतर्कता के चलते तुरंत खराब मशीन को बदला गया और इसके बाद वहां फिर से सुचारू रूप से मतदान शुरू कराया जा सका।