जयपुर : राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार को आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनाव में हार की आशंका से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बौखला गई है और ‘राजनीतिक गुंडागर्दी’ एवं सत्ता के दुरुपयोग पर उतर आई है।
जूली ने सवाई माधोपुर जिले के बामनवास में एक चुनावी बैठक के दौरान भाजपा की एक नेता द्वारा मतदाताओं को कथित रूप से धमकाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद यह आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बामनवास पंचायत समिति की प्रधान शशिकला मीणा ने भाजपा विधायक जितेंद्र गोठवाल, पार्टी प्रत्याशी राजेंद्र मीणा और खंडार प्रधान नरेंद्र चौधरी की मौजूदगी में लोगों को धमकी दी कि यदि उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया तो उन्हें पुलिस थानों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
जूली ने इस कथित बयान को लेकर कहा कि यह ‘लोकतंत्र नहीं, बल्कि सरकार के संरक्षण में की जा रही खुली राजनीतिक गुंडागर्दी’ है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र को अपनी जागीर और सरकारी तंत्र को अपना राजनीतिक हथियार समझना शुरू कर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भी भाजपा की ‘कठपुतली’ की तरह काम करने और मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया।
जूली ने कहा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, यह सिर्फ अहंकार नहीं है, बल्कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा को दिखाई दे रही करारी हार की हताशा है। उन्होंने दावा किया कि जनता ‘इस अहंकारी सरकार’ को अपने मत की ताकत से सत्ता से बाहर करेगी।
जूली ने कहा कि राजस्थान की जनता डरने वाली नहीं है और वह चुनाव में भाजपा की धमकियों, तानाशाही तथा सत्ता के दुरुपयोग का ‘ब्याज समेत हिसाब करेगी।’ भाजपा और निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राजस्थान में 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव दो चरण में नौ और 11 सितंबर को होंगे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाओं में पार्षद के 10,245 पदों के लिए मतदान होगा। मतगणना 14 सितंबर को होगी। शहरी निकायों के प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को और उप महापौर, उप सभापति तथा उपाध्यक्षों का चुनाव 22 सितंबर को होगा।