अशोक गहलोत 
राजस्थान

गहलोत का आह्वान : भाजपा की बेईमानी का करें मुकाबला

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 22 अक्टूबर से 16 नवंबर तक चार चरणों में होंगे

Santosh Sharma

जयपुर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए पूरी तरह एकजुट होने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन चुनावों में भी ‘पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग दोहराएगी।’

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 22 अक्टूबर से 16 नवंबर तक कुल चार चरणों में आयोजित होने जा रहे हैं।

गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात साझा की। उन्होंने कहा, जिस प्रकार शहरी निकाय चुनावों में किया गया था, उसी तरह भाजपा इस बार पंचायती राज चुनावों में भी प्रशासनिक तंत्र और पुलिस का दुरुपयोग निश्चित रूप से दोहराएगी। हमें जनता को साथ लेकर इस प्रशासनिक बेईमानी का पुरजोर मुकाबला करना होगा।

उन्होंने पूर्व के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार द्वारा की गई कथित अनियमितताओं के बावजूद कांग्रेस ने शहरी निकाय चुनावों में बेहद शानदार प्रदर्शन किया था और उसे भाजपा के लगभग बराबर ही वोट मिले थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत आधार को रेखांकित करते हुए कहा, कांग्रेस हमेशा से ग्रामीण इलाकों में बहुत मजबूत स्थिति में रही है और मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी इन चुनावों में बड़ी जीत हासिल करेगी।

गहलोत ने स्पष्ट किया कि ये चुनाव पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, स्थानीय नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने इसे एक साझा आंदोलन का रूप देते हुए कहा, यह किसी एक व्यक्ति की निजी लड़ाई नहीं है। यह हम सभी की साझी लड़ाई है। मैं इस सिलसिले में जनप्रतिनिधियों से फोन पर निरंतर बात भी कर रहा हूं और कई साथियों से मेरी पहले ही विस्तार से बात हो चुकी है।

उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय होने का निर्देश देते हुए गांवों का दौरा करने, लोगों के बीच रहने और भाजपा की उन गतिविधियों को उजागर करने का आग्रह किया, जिन्हें उन्होंने अलोकतांत्रिक बताया।

गहलोत ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए अंत में कहा, जब देश की आम जनता हमारे साथ मजबूती से खड़ी होती है, तो कोई भी सत्ताधारी प्रशासन या पुलिस बल बलपूर्वक उनसे उनका जनादेश नहीं छीन सकता है। हमें पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरना होगा।

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