सांकेतिक तस्वीर 
राजस्थान

महिला बंदियों को जेल से घर ले जाने के आरोप में पूर्व जेलर गिरफ्तार

पूर्व जेलर ने महिला कैदियों को जेल से निकालकर निजी आवास पर कराया काम

Santosh Sharma

जयपुर : राजस्थान पुलिस ने अजमेर के महिला बंदी सुधार गृह से दो कैदियों को कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध बाहर निकालकर अपने निजी आवास पर ले जाने के मामले में निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को कोटा से गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने बताया कि चौधरी करीब दो महीने से फरार थीं। उन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें अजमेर केंद्रीय जेल में रखा गया है, जहां वह पहले जेलर के पद पर तैनात थीं।

जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला के अनुसार, दिव्या चौधरी ने अपने पद का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए सहयोगियों के साथ मिलकर जेल सुरक्षाकर्मियों को डराया-धमकाया और आजीवन कारावास की सजा काट रही एक महिला कैदी तथा एक अन्य विचाराधीन कैदी को जबरन जेल से बाहर निकाल लिया।

पुलिस के अनुसार, जांच और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि 12 जुलाई 2026 को तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी ने महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के साथ मिलकर कथित तौर पर साजिश रची। दोनों ने महिला बंदी सुधार गृह के मुख्य द्वार पर तैनात जेल कर्मियों को डराया-धमकाया और आजीवन कारावास की सजा काट रही किरण उर्फ सेठा तथा विचाराधीन बंदी सना को जेल से बाहर निकाल लिया।

पुलिस का आरोप है कि इसके बाद दिव्या चौधरी दोनों बंदियों को अपने निजी आवास पर ले गई, जहां उनसे घरेलू काम कराया गया।

इस संबंध में अजमेर केंद्रीय कारागृह के प्रहरी महिपाल मांगलोदा की शिकायत पर पांच अगस्त को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद दिव्या चौधरी गिरफ्तारी से बचने के लिए बिना सूचना दिए मुख्यालय से फरार हो गई थी। घटना के बाद दिव्या चौधरी और सोनिया चौधरी को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस अब फरार सोनिया चौधरी की तलाश कर रही है।

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