जयपुर : राजस्थान सरकार ने कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े 21 मामलों में 27 अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत इन अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दी है।
उन्होंने बताया कि कृषि भूमि का गैर-कृषि प्रयोजन के लिए नियम विरुद्ध रूपांतरण करने और भू-उपयोग में बदलाव कर राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामलों में संबंधित उपखंड अधिकारी के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि वहीं, पद का दुरुपयोग कर नियम विरुद्ध तरीके से खातेदारी भूमि के संबंध में दावा मंजूर कराने और अवैध परितोषण प्राप्त करने के मामलों में एक अन्य उपखंड अधिकारी के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति का अनुमोदन किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह, भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त रहने तथा अवैध धनराशि प्राप्त कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक के खिलाफ भी अभियोजन की मंजूरी दी गई है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के पांच, लोक निर्माण विभाग के तीन और वाणिज्यिक कर विभाग के दो मामलों में अभियोजन की स्वीकृति दी है। इसके अलावा चिकित्सा, पशु चिकित्सा, देवस्थान, इंदिरा गांधी नहर परियोजना और सहकारिता विभाग के एक-एक मामले में भी अभियोजन की मंजूरी दी गई है।
इसके अतिरिक्त, राजस्थान लेखा सेवा के एक अधिकारी और एक विकास अधिकारी के खिलाफ भी अभियोजन की स्वीकृति दी गई है।