कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) में हालिया हिंसा, तोड़फोड़ और बाहरी लोगों के प्रवेश के विरोध में सोमवार को वामपंथी छात्र और श्रमिक संगठनों ने कोलकाता की सड़कों पर प्रदर्शन किया।
करीब 150 प्रदर्शनकारियों ने सियालदह के पास से रैली निकाली, जो करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कॉलेज स्ट्रीट स्थित कलकत्ता विश्वविद्यालय तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक माहौल बहाल करने की मांग की।
CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
रैली में एसएफआई, एआईडीएसओ, पीएसयू, आइसा और पीडीएसएफ समेत विभिन्न वाम समर्थित छात्र संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जेयू में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सीसीटीवी फुटेज में पहचाने गए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
शिक्षा व्यवस्था और कैंपस सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शनकारियों ने जेयू हिंसा के अलावा राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने विश्वविद्यालयों में राजनीतिक हिंसा रोकने, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को दंडित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा एनटीए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लेने की मांग भी रखी।
जादवपुर यूनिवर्सिटी में 19-20 अगस्त की रात एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़प के बाद तनाव बढ़ गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा, तोड़फोड़ और बाहरी लोगों को परिसर में लाने के आरोप लगाए थे। घटना में कई छात्र घायल हुए थे और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
हिंसा की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने अब कलकत्ता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रणब चटर्जी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। ऐसे में वाम संगठनों की यह रैली मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बढ़ते दबाव का संकेत मानी जा रही है।