कोलकाता : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सत्ता परिवर्तन के करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है।
इसी बीच शनिवार को विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने सवाल उठाया कि राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आखिर छात्रसंघ चुनाव कब होंगे? संयोग से इसी दिन उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय से भी इस मुद्दे पर सवाल किया गया।
हालांकि, उन्होंने चुनाव की कोई समयसीमा बताने से परहेज करते हुए कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त संख्या में छात्र-छात्राओं के लौटने के बाद इस विषय पर विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलेजों में अशांति रोकने और पढ़ाई का स्वस्थ माहौल बनाए रखने को लेकर सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।
राज्य में 2017 के बाद अधिकांश कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। उसी वर्ष उच्च शिक्षा विभाग ने चुनाव को लेकर विशेष नियम जारी किए थे। उस वर्ष कोलकाता, बर्दवान, विद्यासागर, उत्तर बंगाल तथा कल्याणी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में अंतिम बार छात्रसंघ चुनाव हुए थे।
हालांकि, जादवपुर विश्वविद्यालय में आखिरी छात्रसंघ चुनाव 2020 में कोरोना महामारी से ठीक पहले हुआ था। सत्ता परिवर्तन के बाद छात्र राजनीति में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव की उम्मीद जगी हैं।