कोलकाता सिटी

जब विचार जुड़ते हैं, तो संभावनाएं बढ़ती हैं: FBSC के ‘चिंतन चक्र’ में विचारों की ताकत का जश्न

सार्थक संवाद की इस शाम में उद्यमियों, पेशेवरों, विचारकों और जनप्रतिनिधियों ने एक मंच पर साझा किए अपने विचार

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : FBSC (Forum for Business, Social and Cultural Initiatives) ने कोलकाता में ‘चिंतन चक्र’ नामक एक संवादात्मक मंच का आयोजन किया। इस अवसर पर उद्यमियों, पेशेवरों, कारोबारी नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ आकर सार्थक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और नेटवर्किंग में हिस्सा लिया।

यह पहल FBSC के उस व्यापक विजन को दर्शाती है, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों और संस्थानों को एक मजबूत और भरोसेमंद कारोबारी नेटवर्क से जोड़ना, विचारों का आदान-प्रदान करना और सहयोग के नए अवसर तलाशना है। FBSC लगातार उद्यमियों और कारोबारी दिग्गजों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ नेटवर्किंग, ज्ञान साझा करने और सार्थक कारोबारी संवाद के लिए मंच तैयार करता रहा है।

‘चिंतन चक्र’ ने प्रतिभागियों को सोचने, अपने विचार साझा करने, चर्चा करने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। इस दौरान कारोबार, समाज, विकास और समसामयिक मुद्दों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने कारोबारी समुदाय, पेशेवरों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद और आपसी संपर्क के नए अवसर भी बनाए।

कार्यक्रम में कई विशिष्ट जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें डॉ. शारदवत मुखर्जी, प्रभारी मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा विधायक, विधाननगर, उत्तर 24 परगना; पूर्णिमा चक्रवर्ती, राज्य मंत्री, आईटी, सांस्कृतिक कार्य एवं पर्यटन विभाग तथा विधायक, श्यामपुकुर, कोलकाता; और विजय ओझा, विधायक, जोड़ासांको, कोलकाता शामिल रहे।

इस अवसर पर FBSC के अध्यक्ष सुब्रत दत्ता ने कहा, “चिंतन चक्र की परिकल्पना एक ऐसे मंच के रूप में की गई थी, जहां विचार केवल बातचीत तक सीमित न रहें, बल्कि सार्थक संपर्क और अवसरों में बदलें। FBSC में हमारा मानना है कि जब लोग एक साथ आते हैं, अपने अनुभव साझा करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं, तो कारोबार और मजबूत होता है। उद्यमियों, पेशेवरों और विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस शाम को विशेष रूप से समृद्ध बनाया। हम भविष्य में भी ऐसे मंच तैयार करने की उम्मीद करते हैं, जो पूरे बंगाल के कारोबारी और सामाजिक परिवेश में संवाद, सहयोग और सामूहिक विकास को बढ़ावा दें।”

इस कार्यक्रम ने कारोबारी विकास और सहयोग के लिए नेटवर्किंग की अहमियत को रेखांकित किया। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने आपस में बातचीत की और अपने अनुभव व विचार साझा किए। FBSC के पहले आयोजित कॉन्क्लेव में भी टॉक शो, पैनल चर्चा, सफलता की कहानियों और नेटवर्किंग के माध्यम से कारोबारी नेताओं, उद्यमियों और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया गया है।

‘चिंतन चक्र’ ने इसी भावना को और मजबूत किया। कार्यक्रम ने ऐसा माहौल तैयार किया, जहां कारोबार, विचार और सामाजिक दृष्टिकोण एक साथ आए। इससे प्रतिभागियों को अनुभव साझा करने, नए संपर्क बनाने और सामूहिक विकास की संभावनाओं पर विचार करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का समापन रात्रिभोज और अनौपचारिक बातचीत के साथ हुआ। इस दौरान अतिथियों ने अपनी बातचीत को आगे बढ़ाया और पेशेवर तथा व्यक्तिगत संबंधों को और मजबूत किया।

‘चिंतन चक्र’ जैसी पहलों के माध्यम से FBSC ने कारोबारियों और पेशेवरों को जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए एक सहयोगात्मक माहौल तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखा।

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