कोलकाता सिटी

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट सेक्टर चिंतित

ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ी, कारोबारियों पर बढ़ेगा दबाव माल ढुलाई खर्च में इजाफा तय ट्रांसपोर्ट सेक्टर ने सरकार से लगायी गुहार

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स का कहना है कि ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत में करीब 3 प्रतिशत तक वृद्धि होगी। चारों महानगरों में कोलकाता में सबसे ज्यादा कीमत बढ़ी है, जिससे राज्य के परिवहन कारोबार पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

माल ढुलाई लागत पर पड़ेगा असर

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह बढ़ोतरी पहले से अनुमानित थी। एसोसिएशन का कहना है कि डीजल-पेट्रोल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई की कुल लागत में लगभग 3 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका ट्रांसपोर्ट की कुल लागत पर बहुत बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

व्यापारियों को मनमानी से रोकने की मांग

ट्रांसपोर्टर्स ने सरकार से अपील की है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का बहाना बनाकर व्यापारी जरूरी वस्तुओं के दाम मनमाने तरीके से न बढ़ाएं। सरकार को बाजार पर नजर रखनी चाहिए ताकि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

राज्य सरकारों से टैक्स घटाने की अपील

ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि राज्य सरकारें स्थानीय टैक्स और वैट में कमी कर इस बोझ को कुछ हद तक कम कर सकती हैं। उनका कहना है कि पहले से दबाव झेल रहे ट्रक ऑपरेटरों और परिवहन कारोबारियों को राहत देने के लिए यह कदम जरूरी है।

ऐप कैब चालकों पर भी बढ़ेगा बोझ

पश्चिम बंगाल ऑनलाइन ऐप कैब गिल्ड के महासचिव इंद्रनील बनर्जी ने कहा कि ईंधन महंगा होने से कैब ऑपरेटरों पर प्रतिदिन 50 से 60 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने भी राज्य सरकार से टैक्स कम करने पर विचार करने की मांग की।

कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ीं कीमतें

नयी दरों के अनुसार कोलकाता में पेट्रोल 3.29 रुपये महंगा होकर 108.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.11 रुपये बढ़कर 95.13 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

वैश्विक हालात का असर

सूत्रों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी तेल कंपनियों ने करीब 11 सप्ताह तक कीमतें नहीं बढ़ाईं, लेकिन इनपुट लागत बढ़ने से आर्थिक दबाव बढ़ने के बाद अब इसका कुछ बोझ ग्राहकों पर डाला गया है।

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