प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची के पीठ के फैसले की खबर जैसे ही उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित कचहरी मैदान में तृणमूल कांग्रेस की रैली में पहुंची, राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंच से तीखा हमला बोलते हुए कहा, “आज कोर्ट में हराया है, कल वोट में हराएंगे। बीजेपी का SIR खेल खत्म।”
अभिषेक ने आरोप लगाया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ के नाम पर चुनिंदा समुदायों और तृणमूल समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने इस कथित साजिश पर से पर्दा हटा दिया है और पारदर्शिता सुनिश्चित की है। अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए अभिषेक ने मंच पर पांच ऐसे लोगों को बुलाया, जिन्हें मतदाता सूची में ‘मृत’ बताया गया था, जबकि वे जीवित हैं। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग इन्हें नहीं देखता, लेकिन तृणमूल की छोटी-सी गलती भी पकड़ लेता है।”
बाद में जारी बयान में अभिषेक बनर्जी ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक निर्देश का दिल से स्वागत करते हैं। यह क्रूर, राजनीति से प्रेरित और अन्यायपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया पर करारा प्रहार है। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ का ठप्पा लगाकर जिन लोगों को मनमाने ढंग से निशाना बनाया गया, उनके नाम सार्वजनिक करने का आदेश देकर अदालत ने बीजेपी-ईसीआई गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है। यह चुनाव आयोग के चेहरे पर न्यायिक तमाचा है। बंगाल की जनता बैलेट बॉक्स में बीजेपी को इससे भी तीखा लोकतांत्रिक जवाब देगी।” पीएम और गृह मंत्री को चुनौती देते हुए अभिषेक ने कहा कि लोकतंत्र को ताकत के बल पर दबाया नहीं जा सकता और बंगाल के करोड़ों मतदाता अपने अधिकारों की रक्षा करना जानते हैं।