सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : तृणमूल नेता अच्छेलाल यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद कहा कि राजनीतिक दल उत्तरपाड़ा के लोगों को मजदूर समझते हैं। इसी के विरोध में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उत्तरपाड़ा-श्रीरामपुर पंचायत समिति के पूर्व सहसभापति अच्छेलाल यादव इलाके के प्रभावशाली तृणमूल नेता माने जाते रहे हैं। उनके भाई दिलीप यादव उत्तरपाड़ा नगरपालिका के वर्तमान चेयरमैन हैं। नामांकन के अंतिम दिन उन्होंने श्रीरामपुर में उत्तरपाड़ा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल कर सभी को चौंका दिया। वहीं, तृणमूल की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि प्रशंसा हो या आलोचना—दोनों का श्रेय तृणमूल को ही जाएगा, इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। पिछले पंचायत चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद से ही अच्छेलाल की तृणमूल से दूरी बढ़ने लगी थी। इस बीच उनके घर पर अर्जुन सिंह का कई बार आना-जाना भी चर्चा में रहा, जिससे उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, उन्होंने उस दिशा में कदम नहीं बढ़ाया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार उत्तरपाड़ा में कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। यहां तृणमूल ने श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी के पुत्र शीर्षण्य बनर्जी को उम्मीदवार बनाया है। सीपीआईएम ने मीनाक्षी मुखोपाध्याय पर दांव लगाया है, जबकि भाजपा ने पूर्व एनएसजी कर्मी दीपांजन चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से हुगली जिला अध्यक्ष सुब्रत मुखोपाध्याय मैदान में हैं। अब उत्तरपाड़ा में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। कोन्नगर, कानाईपुर, नवग्राम और उत्तरपाड़ा-हिंदमोटर इलाके में अच्छेलाल यादव की मजबूत पकड़ मानी जाती है। गौरतलब है कि उत्तरपाड़ा सीट से 2011 में गायक अनूप घोषाल, 2016 में प्रवीर घोषाल और 2021 में अभिनेता कंचन मलिक विधायक रहे हैं। उत्तरपाड़ा के स्थानीय तृणमूल नेता कालाचांद बनर्जी ने कहा कि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।