कोलकाता : शहीद दिवस के बाद अब 28 अगस्त को तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस को लेकर तृणमूल के दोनों गुटों के बीच टकराव तेज होता दिख रहा है। मेयो रोड पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए ममतापंथी टीएमसीपी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने मामला दायर करने की अनुमति दी है। बुधवार, 19 अगस्त को मामले की सुनवाई होने की संभावना है।
दूसरी ओर विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के समर्थक तृणमूल ने भी उसी मेयो रोड पर सभा के लिए कोलकाता पुलिस से अनुमति मांगी है। वर्षों से गांधी प्रतिमा के पाददेश में टीएमसीपी का स्थापना दिवस समारोह होता आया है। ऐसे में दोनों गुटों की ओर से एक ही स्थान के लिए अनुमति मांगी जाने से सियासी खींचतान बढ़ गयी है। ऋतब्रत खेमे का दावा है कि वही ‘असल तृणमूल’ है।
सूत्रों के अनुसार, इस बार स्थापना दिवस के बैनर पर ममता बनर्जी की जगह नेताजी सुभाषचंद्र बोस और खुदीराम बोस जैसे राष्ट्रीय नायकों की तस्वीरें लग सकती हैं। सोमवार को मेट्रोपॉलिटन तृणमूल भवन में बैठक में कार्यक्रम के स्थान और बैनर को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद ऋतब्रत समर्थक तृणमूल कांग्रेस के विधायक संदीपन साहा ने कहा कि टीएमसीपी का स्थापना दिवस गांधी प्रतिमा के पाददेश में ही मनाया जाएगा।
ऋतब्रत खेमे के एक नेता ने कहा, “हम व्यक्तिपूजा में विश्वास नहीं करते। इसलिए बैनर पर राष्ट्रीय नायकों को जगह देना चाहते हैं।”