सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नौकरी की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी द्वारा गिरफ्तार किये गये दोनों अभियुक्तों को अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पार्थसारथी सरकार और उसके कथित सहयोगी सजल सिन्हा के रूप में हुई है। पार्थसारथी सरकार विकास भवन का कर्मचारी बताया गया है।
बुधवार को दोनों आरोपियों को कोलकाता के नगर दायरा अदालत में पेश किया गया। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता नदिया का रहने वाला है। उसके पिता की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसने संबंधित विभाग में अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नौकरी से संबंधित फाइल के सिलसिले में शिकायतकर्ता पार्थसारथी सरकार के संपर्क में आया था। कथित तौर पर फाइल की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। बाद में यह रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। आर्थिक रूप से असमर्थ होने के कारण शिकायतकर्ता इतनी रकम देने के लिए तैयार नहीं हुआ।
इसके बाद कथित तौर पर उसे फोन कर 10 हजार रुपये लेकर विधाननगर स्टेशन के पास आने को कहा गया। शिकायतकर्ता को यह रकम सजल सिन्हा नामक व्यक्ति को देने के लिए कहा गया था। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने जाल बिछाकर 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते समय सजल सिन्हा को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पार्थसारथी सरकार को भी गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी के इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।