दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर के प्रतिष्ठित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से इलाज करा रहे दो मरीजों के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने की घटना सामने आई है। इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन ने दोनों मरीजों को आधिकारिक रूप से ‘फरार’ घोषित कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। गायब मरीजों की पहचान चितपुर निवासी दीपान्विता राय और एक अन्य मरीज बिमल घोष (51) के रूप में हुई है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार दीपान्विता राय अस्पताल की ट्रॉमा केयर यूनिट में भर्ती थीं, जो शुक्रवार रात से गायब है। अस्पताल प्रबंधन ने उसकी गुमशुदगी की लिखित जानकारी चितपुर थाने को दी है। वहीं, हृदय संबंधी बीमारी और तेज बुखार से पीड़ित बिमल घोष को एक दूसरे अस्पताल से रेफर कर आरजी कर के मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को जब उसके परिजन अस्पताल पहुंचे, तो बिस्तर खाली देख उन्होंने ड्यूटी पर तैनात नर्स को सूचित किया। डिस्चार्ज से पहले ही बिना बताए मरीज के निकलने की घटना पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दोनों मरीजों को शुक्रवार को ही छुट्टी दी जानी थी। अस्पताल के नियमानुसार, जिन्हें दोपहर बाद डिस्चार्ज किया जाता है, उन्हें दोपहर का भोजन करके जाने की सलाह दी जाती है। आशंका जताई जा रही है कि दोनों मरीज भोजन करने से पहले ही बिना किसी को सूचित किए अस्पताल से चले गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए आरजी कर अस्पताल के अधीक्षक सप्तर्षि चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘घटना को लेकर संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस को ''अब्स्कॉन्डिंग केस'' के तहत सूचित कर दिया गया है।’ पुलिस फिलहाल दोनों मरीजों की तलाश कर रही है।