कोलकाता : दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर बागबाजार सार्वजनिन पूजा समिति के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों से सवाल किया कि पूजा जैसे सार्वजनिक और धार्मिक आयोजन को लेकर आपसी टकराव की आखिर जरूरत ही क्या है। हाईकोर्ट ने विवाद को समाप्त कर शांतिपूर्ण तरीके से पूजा आयोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
समिति के अधिकार और पूजा आयोजन को लेकर विवाद
बागबाजार सार्वजनिन पूजा समिति से जुड़े दोनों पक्षों के बीच पूजा के संचालन और समिति के अधिकारों को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
विवाद बढ़ने के बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों गुटों के बीच चल रही खींचतान पर सवाल उठाते हुए संकेत दिया कि धार्मिक आयोजन को व्यक्तिगत या संगठनात्मक विवाद का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने सौहार्द बनाए रखने पर दिया जोर
अदालत ने मामले को केवल समिति के आंतरिक विवाद के रूप में देखने के बजाय पूजा से जुड़े व्यापक जनहित को ध्यान में रखने की बात कही। बागबाजार की दुर्गापूजा लंबे समय से कोलकाता की महत्वपूर्ण पूजा आयोजनों में शामिल रही है। ऐसे में अदालत का जोर इस बात पर रहा कि विवाद का असर श्रद्धालुओं और आम लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए।
पूजा में बाधा न आए, विवाद का समाधान जरूरी
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद अब दोनों पक्षों के बीच विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ी है। अदालत के रुख से स्पष्ट है कि पूजा आयोजन को लेकर किसी भी प्रकार का गतिरोध या आपसी संघर्ष स्वीकार्य नहीं होगा।
प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच समन्वय के जरिए पूजा को सुचारु रूप से संपन्न कराने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। बागबाजार पूजा को लेकर जारी विवाद पर अदालत की अगली कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।