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कोलकाता सिटी

टॉलीगंज लूटकांड : ब्लैक मनी के नाम पर रची गई थी 2 करोड़ की लूट की साजिश!

टॉलीगंज लूटकांड में दूसरा आरोपी गिरफ्तार, 25 लाख रुपये बरामद

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर दो करोड़ रुपये की लूट के मामले में जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को संदेह है कि इस हाई-प्रोफाइल वारदात की साजिश रचने में एक वकील और उसकी पुलिस पत्नी की भूमिका हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

दूसरा आरोपी होटल से गिरफ्तार

इस मामले में पहले जादवपुर निवासी सुरजीत घोष को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रिजेंट पार्क निवासी चंदन मुखोपाध्याय उर्फ संजय दास को पाटुली के एक होटल से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के घरों में तलाशी के दौरान लूटी गई रकम में से करीब 25 लाख रुपये बरामद किए गए।

पुलिस बनकर मारा था छापा

घटना हाल ही में टॉलीगंज के प्रतापादित्य रोड स्थित एक कार्यालय में हुई थी। आरोप है कि पुलिस की हेलमेट पहनकर कुछ लोग कार्यालय पहुंचे और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए नकली छापेमारी की। अभियुक्तों ने खुद को लालबाजार का पुलिस कर्मी बताया था। उन्होंने कार्यालय की तिजोरी से दो करोड़ रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। आरोपियों का व्यवहार इतना पेशेवर था कि कार्यालय के कर्मचारियों को भी उन पर संदेह नहीं हुआ।

पुलिस को अंदरूनी मदद का शक

जांच में टॉलीगंज थाने की पुलिस को संदेह है कि आरोपियों को किसी पुलिसकर्मी या पूर्व पुलिस अधिकारी ने प्रशिक्षण दिया था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि एक वकील और उनकी पुलिस अधिकारी पत्नी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरी वारदात की योजना बनाई थी। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित दंपति से पूछताछ भी की जा सकती है।

7 करोड़ की डील से शुरू हुई साजिश

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता और मुख्य आरोपी चंदन उर्फ संजय पहले से एक-दूसरे को जानते थे। मामला कथित तौर पर सात करोड़ रुपये के एक फ्लैट की खरीद से जुड़ा था। आरोप है कि सात करोड़ रुपये में शामिल ब्लैकमनी की दो करोड़ रुपये की नकद को बदलने का झांसा देकर शिकायतकर्ता को प्रतापादित्य रोड स्थित कार्यालय में रकम लाने के लिए कहा गया। चंदन नियमित रूप से उस कार्यालय में आता-जाता था और उसने पहले ही यह जानकारी जुटा ली थी कि नकदी कहां रखी गई है। तय योजना के तहत फर्जी पुलिस टीम कार्यालय पहुंची और 'ब्लैक मनी बरामद करने' के नाम पर पूरी रकम लेकर फरार हो गई।

अब तक 25 लाख बरामद, बाकी आरोपियों की तलाश

पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार आरोपियों से करीब 25 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और शेष 1.75 करोड़ रुपये की बरामदगी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और साजिश में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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