कोलकाता : डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और सक्रिय सदस्य चेतला थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम सुजल जायसवाल और अनिकेत साव हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जनवरी महीने के मध्य चेतला थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लगभग 46 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू करते ही पहले सागर शर्मा और विशाल गुप्ता नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनकी गहन पूछताछ के आधार पर ही सुजल जायसवाल और अनिकेत साव तक पुलिस पहुंची और उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अभियुक्त ठगी के इस चक्र के सक्रिय सदस्य हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सुजल जायसवाल और अनिकेत साव विभिन्न बैंक खातों की व्यवस्था करते थे और ठगी से प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने में अहम भूमिका निभाते थे। इस तरह, गिरोह ने अपनी पहचान छुपाते हुए कई लोगों से बड़े पैमाने पर धन उगाहने का काम किया।
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को दोनों आरोपियों को अलीपुर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 9 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब पूरे गिरोह की भूमिका, आर्थिक लेन-देन और संबंधित खातों की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस गिरफ्तारी से न केवल ठगी का खुलासा हुआ है, बल्कि ऐसे डिजिटल अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के मामले में सावधानी बरतें और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि डिजिटल माध्यम से की जाने वाली ठगी के मामलों में कानून हाथ में लेने के बजाय उचित जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस ने कहा कि आने वाले दिनों में गिरोह के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं।