‌त्रिवेणी के कुंभ मेला में पहुंचे टोपी बाबा 
कोलकाता सिटी

भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ त्रिवेणी कुंभ मेले का हुआ शुभारंभ

उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब कुंभ मेला का समापन शुक्रवार को जुटने लगे साधु संत

सतीश, सन्मार्ग संवाददाता

हुगली : त्रिवेणी में गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर पंचम वर्ष के कुंभ मेले का शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों और साधु-संतों की उपस्थिति में हुआ। पूरे क्षेत्र में नगर कीर्तन, शक्तिपीठ परिक्रमा, रुद्राभिषेक, रुद्र महायज्ञ, शिव सहस्रनाम पाठ, सत्संग प्रवचन और धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। कांच बाबा, टोपी बाबा तथा किन्नर साधुओं के अखाड़ों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। सप्तर्षि घाट सहित अन्य घाटों पर प्रतिदिन संध्या समय भव्य गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले के मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। नागा साधुओं के अखाड़ों के आगमन के साथ ही मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ। जनश्रुति के अनुसार, लगभग सात सौ वर्ष पूर्व माघी पूर्णिमा के अवसर पर यहां ‘अनुकुंभ’ का आयोजन होता था। कल नागा साधु नगर परिक्रमा कर गंगा घाट पर अमृत स्नान करेंगे। इसे लेकर प्रशासन सतर्क है और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांच बाबा छाई-भस्म लगाकर टूटे कांच पर खड़े होकर साधना करते दिखाई दे रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। बाबा का कहना है कि वे पिछले चार महीनों से टूटे कांच पर खड़े रहने का अभ्यास कर रहे हैं और उन्हें न तो पैरों में दर्द हुआ है और न ही कोई चोट लगी है। बंगीय त्रिवेणी कुंभ संचालन समिति के कांचन बंद्योपाध्याय और प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि सप्तर्षि घाट, शिवपुर मैदान और आर-आर कैंप में मेले की समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। संध्या आरती में हजारों दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे, जहां आमजन भी अपने पूर्वजों की स्मृति में दीपदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर कुंभ प्रयागराज की जानकारी सभी को है, लेकिन शोध के दौरान त्रिवेणी के दक्षिण कुंभ की जानकारी मिली, जिसे अब जनसामान्य के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में त्रिवेणी कुंभ का उल्लेख किए जाने के बाद यह आयोजन वैश्विक स्तर पर चर्चा में आया। गुरुवार को राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस के मेले में आने की संभावना है। बांसबेड़िया नगरपालिका की वाइस चेयरपर्सन शिल्पी चटर्जी ने बताया कि नगरपालिका की ओर से साफ-सफाई, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पीएचई सहित अन्य विभागों ने भी पूरा सहयोग दिया है। श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं।

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