कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस में जारी इस्तीफों और संगठनात्मक संकट के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शनिवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। बैठक के बाद पार्टी की नई 5 सदस्यीय अनुशासन समिति (डिसिप्लिनरी कमेटी) का गठन किया गया।
नई समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय, डेरेक ओ’ब्रायन, असीमा पात्र, शुभाशीष चक्रवर्ती और डोला सेन को शामिल किया गया है। समिति का कोई अध्यक्ष नहीं बनाया गया है, जबकि डेरेक ओ’ब्रायन को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा सांसद नदीमुल हक को तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी में जारी टूट-फूट और कई नेताओं द्वारा संगठनात्मक पद छोड़ने के कारण पुरानी अनुशासन व्यवस्था प्रभावी नहीं रह गई थी। नवंबर 2024 में गठित संसदीय, विधायी और संगठनात्मक स्तर की तीन अनुशासन समितियों के कई सदस्य अब पार्टी से अलग हो चुके हैं या बागी खेमे में शामिल हो गए हैं।
ऐसे में ममता बनर्जी ने नए सिरे से अनुशासन समिति का गठन कर अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी में जारी इस्तीफों और संगठनात्मक चुनौतियों के बीच इस कदम को पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी में जारी असंतोष और नेताओं के इस्तीफों के सिलसिले को देखते हुए नई समिति की प्रभावशीलता पर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।