कोलकाता : विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने में हो रही देरी को लेकर तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जहां त्रिपुरा, असम और मेघालय में सीमा पर शत प्रतिशत बाड़ लगाने का काम पूरा हो चुका है, वहीं बंगाल में यह प्रक्रिया केवल राज्य सरकार के असहयोग के कारण अधूरी पड़ी है। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश से घुसपैठ के चलते राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहे हैं और कई इलाकों में हिंदू त्योहारों के आयोजन पर भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब भी फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और पैन कार्ड पकड़े जाते हैं तो तृणमूल कांग्रेस बीएसएफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार को दोषी ठहराती है, जबकि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराना पूरी तरह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बीएसएफ के खिलाफ जनता को भड़काती हैं। शुभेंदु ने बताया कि पिछले सप्ताह कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को 31 मार्च तक बीएसएफ को वे जमीनें सौंपने का निर्देश दिया है, जिनका अधिग्रहण पहले ही हो चुका है और जिनके लिए केंद्र सरकार मुआवजा भी दे चुकी है। यह जमीन उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदा, दक्षिण और उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जिलों में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र द्वारा बार-बार याद दिलाने और राज्य प्राधिकारियों के साथ बैठकों के बावजूद तृणमूल सरकार ने कंटीली बाड़ लगाने के लिए सीमा पर जमीन नहीं सौंपी है। शुभेंदु ने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा की सरकार बनने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीमा पर 45 दिन में कंटीली बाड़ लगाने का काम पूरा हो जाए।
झूठ का सहारा ले रही तृणमूल
आईपैक ‘ग्रीन फाइल’ मामले में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी ने अपने एफिडेविट और 8 जनवरी को दिए गए सार्वजनिक बयान में अलग-अलग बातें कही हैं, जिससे साफ है कि वह डर से झूठ बोल रही हैं। शुभेंदु ने एसआईआर मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री के आयोग के खिलाफ सहयोग न करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब देने के लिए मजबूर नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक ढंग से कहा कि आयोग तभी जवाब देगा जब पत्र तृणमूल के पैड पर लिखा होगा। शुभेंदु ने दावा किया कि तृणमूल असल में एसआईआर प्रक्रिया को उलझाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है क्योंकि वह डरी हुई है।