कोलकाता: शहर के न्यू मार्केट और फ्री स्कूल स्ट्रीट इलाके में स्थित होटलों में मेहमानों की वापसी शुरू होने से कारोबार में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। बांग्लादेशी पर्यटकों के साथ घरेलू यात्रियों के भी होटलों में ठहरने से ‘मिनी बांग्लादेश’ के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में धीरे-धीरे रौनक लौट रही है।
नगर निगम और अग्निशमन विभाग के आदेश पर अगस्त के अंत में 150 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस बंद कर दिए गए थे। इसके बाद इस क्षेत्र का होटल कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। अब दोबारा खुले होटलों में करीब 50 प्रतिशत कमरे भरने लगे हैं।
होटल कारोबारियों के मुताबिक, करीब 1,000 कमरों की कुल क्षमता वाले दोबारा खुले होटलों में अब लगभग 50 प्रतिशत कमरे भरे हुए हैं। करीब दो सप्ताह पहले तक स्थिति लगभग शून्य जैसी थी। सामान्य दिनों में इस क्षेत्र के होटलों में कमरों की उपलब्धता के मुकाबले 75 से 80 प्रतिशत तक बुकिंग रहती थी। सर्दियों के मौसम में कारोबार और बढ़ जाता था।
होटलों के बंद होने का असर केवल होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहा। न्यू मार्केट और आसपास के इलाकों में कपड़े, सूखे मेवे, चॉकलेट, कॉस्मेटिक्स और लगेज की दुकानें भी प्रभावित हुईं। रेस्तरां, विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्रों और परिवहन कारोबार को भी नुकसान उठाना पड़ा। व्यापारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में खुदरा कारोबार को प्रतिदिन करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया था।
कारोबारियों को उम्मीद है कि काली पूजा के बाद बांग्लादेश से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की संख्या बढ़ सकती है। इलाज के लिए कोलकाता आने वाले कई बांग्लादेशी नागरिक इसी इलाके के होटलों में ठहरते हैं। त्योहारों के दौरान कई डॉक्टरों के छुट्टी पर रहने के कारण मरीजों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती है।
दूसरी ओर, होटल बंदी से प्रभावित कई संचालक अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। 12 नवंबर को कलकत्ता हाईकोर्ट दोबारा खुलने के बाद बंदी के नोटिस पाने वाले शेष करीब 950 होटलों में से कई राहत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं। ऐसे में होटल कारोबारियों और व्यापारियों की नजर प्रशासनिक फैसलों के साथ पर्यटकों की वापसी पर भी टिकी हुई है।