कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक और विधायी टकराव के बीच ममता बनर्जी खेमे ने राज्य विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से फिरहाद हकीम को हटाकर उनकी जगह मदन मित्रा को नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर कार्रवाई से इनकार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार रात ममता खेमे की ओर से विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को ईमेल भेजकर कहा गया कि फिरहाद हकीम को अब तृणमूल का मुख्य सचेतक न माना जाए और उनकी जगह कमरहट्टी के विधायक मदन मित्रा को मान्यता दी जाए। मंगलवार की सुबह सत्र शुरू होने से पहले शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अध्यक्ष कार्यालय जाकर इस पत्र की प्रति भी सौंपी।
हालांकि, अध्यक्ष कार्यालय ने विपक्षी दल के भीतर चल रहे विभाजन और उससे जुड़े कानूनी व प्रक्रियागत विवादों का हवाला देते हुए इस अनुरोध पर तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। ममता खेमे का तर्क था कि नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवाद न्यायिक प्रक्रिया में हो सकता है, लेकिन मुख्य सचेतक के पद को लेकर कोई अलग कानूनी बाधा नहीं है।