फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

धोखाधड़ी, रंगदारी और मारपीट के आरोप में तृणमूल पार्षद व पति गिरफ्तार

वॉटगंज थाना इलाके की घटना

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 63 की तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुष्मिता चटर्जी भट्टाचार्य और उनके पति सलिल चटर्जी को वित्तीय धोखाधड़ी, रंगदारी, धमकी तथा मारपीट के आरोपों में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पार्षद और उनके पति ने बीमा निवेश के नाम पर उनसे अलग-अलग समय में लगभग 30 लाख रुपये वसूले। शिकायत के मुताबिक, सलिल चटर्जी बीमा एजेंट के रूप में कार्य करते हैं और इसी संबंध का लाभ उठाकर दंपति ने कथित तौर पर पीड़ित पर विभिन्न बीमा योजनाएं लेने का दबाव बनाया।

शिकायत में कहा गया है कि प्रारंभिक निवेश के बाद भी आरोपित लगातार और रुपये की मांग करते रहे। जब सेवानिवृत्त अधिकारी ने अतिरिक्त राशि देने से इनकार किया, तब उन्हें कथित रूप से धमकाया गया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपितों ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया। उन्होंने कथित तौर पर अधिकारी की दिवंगत पत्नी और विवाहित बेटी के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। मारपीट की घटना में सेवानिवृत्त अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका लगभग 15 दिनों तक इलाज चला। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्होंने 3 मार्च को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस समय पुलिस ने केवल एक जनरल डायरी दर्ज की और मामले में कोई ठोस जांच शुरू नहीं की।

लगातार मिलती रहीं धमकियां

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पार्षद और उनके पति की ओर से उन्हें लगातार पैसे के लिए दबाव और धमकियां मिलती रहीं। इसी कारण उन्होंने बाद में स्थानीय पुलिस के बजाय सीधे पुलिस आयुक्त के समक्ष विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद मामले की दोबारा जांच शुरू की गई। जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता के चिकित्सकीय दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल की। प्राथमिक जांच में पर्याप्त आधार मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई तेज की और मंगलवार को पार्षद और उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया।

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