कुणाल घोष 
कोलकाता सिटी

नए सुरक्षा बिल को लेकर टीएमसी का विरोध, रॉलेट एक्ट से की तुलना

पब्लिक सेफ्टी बिल 2026 पर गरमाई राजनीति

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को पेश होने वाले वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटीसोशल एक्टिविटीज बिल, 2026 को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने इसे ब्रिटिश शासन के कुख्यात रॉलेट एक्ट का 2026 संस्करण बताते हुए कहा कि यह एक "स्वेच्छाचारी और फासीवादी कानून" है।

कुणाल ने आरोप लगाया कि बिल के मसौदे के अनुसार पुलिस किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को लंबे समय तक हिरासत में रख सकेगी और उसे तत्काल कानूनी सहायता भी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'गुंडा' की परिभाषा इतनी व्यापक रखी गई है कि कोई भी व्यक्ति इसके दायरे में आ सकता है, जिससे राजनीतिक विरोधियों और सरकार के आलोचकों को निशाना बनाए जाने की आशंका बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पहले से ही पर्याप्त कानून मौजूद हैं, इसलिए इस नए कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। तृणमूल विधायक ने आरोप लगाया कि यह विधेयक न्यायपालिका के अधिकारों को कमजोर करने और नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन करने की कोशिश है।

कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस विधानसभा के भीतर और बाहर इस बिल का पुरजोर विरोध करेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी। उन्होंने सरकार से बहुमत के आधार पर जल्दबाजी में इस विधेयक को पारित नहीं करने की अपील की।

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