सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता के प्रमुख ज्वेलर्स हाल ही में द पार्क में आयोजित एक विशेष उद्योग कार्यक्रम में जुटे, जहां प्राकृतिक हीरा आभूषणों के विस्तार, सोने के कारोबार में पारदर्शिता एवं मानकों को मजबूत करने तथा कोलकाता की जीआई-टैग वाली आभूषण कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में INDRA, IAGES और GemGold की ओर से ज्वेलर्स को कारोबार से जुड़े नए अवसरों और बदलते बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
प्राकृतिक हीरों के लिए व्यापक बाजार
डी बीयर्स के INDRA सत्र में प्राकृतिक हीरा आभूषणों को अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने तथा युवा पीढ़ी को प्राकृतिक हीरों से जोड़ने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। पूरे वर्ष उपभोक्ताओं के साथ संवाद बनाए रखने और प्राकृतिक हीरों की विशेषताओं, प्रामाणिकता तथा भावनात्मक महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में सावनसुखा ज्वेलर्स के सिद्धार्थ सावनसुखा, बी. सी. सेन ज्वेलर्स के नीलांजन सेन, इंडियन जेम एंड ज्वेलरी क्रिएशन के प्रमोद दुग्गड़, आर. आर. अग्रवाल ज्वेलर्स के रतनलाल अग्रवाल तथा महाबीर दनवार ज्वेलर के अरविंद सोनी और अमित सोनी सहित कई प्रमुख ज्वेलर्स मौजूद रहे।
सोने के कारोबार में भरोसा और पारदर्शिता
आईएजीईएस के सत्र में सोने के कारोबार में शुद्धता के साथ-साथ पारदर्शिता, जिम्मेदार कारोबारी प्रक्रियाओं, मानकीकरण और नियमों के पालन के महत्व पर चर्चा हुई। सत्र का संचालन आईएजीईएस के प्रसंजित बसु ने किया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में उपभोक्ता का भरोसा केवल शुद्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी कारोबारी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी महत्वपूर्ण है।
वैश्विक बाजार के लिए कोलकाता की आभूषण कला
कार्यक्रम का पूरा संचालन मुंबई से आए कुवैत डी Beas इंडिया के श्री मुरली अय्यर और रिटेल ज्वेलर्स के श्री सुमित भट्टा ने पूरे कार्यक्रम का बहुत ही अच्छी तरह संचालन किया।
उन्होंने कहा कि कोलकाता की पारंपरिक आभूषण कला को आधुनिक और हल्के डिजाइनों के साथ नई पीढ़ी की पसंद के अनुरूप प्रस्तुत कर वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर हासिल किए जा सकते हैं। कार्यक्रम ने कोलकाता के ज्वेलर्स के सामने प्राकृतिक हीरों के विस्तार, सोने के कारोबार में भरोसा एवं पारदर्शिता और वैश्विक निर्यात—इन तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए अवसरों की संभावनाएं सामने रखीं। बदलती उपभोक्ता पसंद और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में ये पहल कोलकाता के आभूषण उद्योग के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।