कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण के मतदान से पहले राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कथित रूप से दिए गए एक विवादित बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
मामला तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और टिप्पणी को लेकर यह आरोप लगा कि उसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा के वीडियो और भाजपा नेताओं की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी राजनीतिक टकराव सामने आया। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक की टिप्पणी ने भी विवाद खड़ा कर दिया।
उन्होंने एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्होंने मुख्यमंत्री को गोली मारने के लिए उकसाया भी, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस के नेता शांतनु सेन ने कहा कि इस तरह की भाषा न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की ओर से लगातार ऐसी बयानबाजी की जा रही है, जिससे चुनावी माहौल बिगड़ रहा है लेकिन इसका जवाब 4 मई को दिया जाएगा। टीएमसी ने इन बयानों को मुख्यमंत्री के खिलाफ “धमकीपूर्ण भाषा” बताया है और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की भी मांग की है।