कोलकाता : पंजाबी साहित्य सभा की ओर से संत कुटिया गुरुद्वारा के सभागार में कवि दरबार का आयोजन किया गया। साहित्यिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब से पधारीं प्रसिद्ध कवयित्री निर्मला गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार गुरदीप सिंह संघा ने की, जबकि संयोजन की जिम्मेदारी श्री रावेल पुष्प ने निभाई।
कवि दरबार में विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से त्योहारों की सांस्कृतिक महत्ता, सामाजिक परिस्थितियों और समसामयिक मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कवियों की रचनाओं में दीपावली, बंदी छोड़ दिवस और शारदीय उत्सव से जुड़े भावों की विशेष झलक देखने को मिली।
इन कविताओं के माध्यम से भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में केवल त्योहारों और उत्सवों तक ही साहित्यिक अभिव्यक्ति सीमित नहीं रही, बल्कि देश-दुनिया की मौजूदा परिस्थितियों पर भी गंभीर विचार रखे गए। विशेष रूप से पंजाब के युवाओं के दिग्भ्रमित होने की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।
कवियों ने अपनी सामयिक रचनाओं के जरिए युवा पीढ़ी के सामने मौजूद चुनौतियों और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। प्रस्तुत कविताओं ने श्रोताओं को सामाजिक विषयों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
इस साहित्यिक आयोजन में भूपेंद्र सिंह बशर, नीलू मेहरा, कुलदीप कौर, भारती मिश्रा, हरजिंदर सिंह बराड़, मनप्रीत सिंह सिद्धू, नविंदर सिंह गरेवाल, कुलमीत सिंह गरेवाल, जसदेव सिंह और जगजीत सिंह गरेवाल सहित अन्य साहित्यप्रेमियों एवं कवियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम ने पंजाबी भाषा और साहित्य के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ाने के साथ-साथ साहित्यकारों को अपने विचार और भावनाएं साझा करने का मंच प्रदान किया। आयोजन के माध्यम से साहित्य की सामाजिक भूमिका को रेखांकित करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया गया।