कोलकाता सिटी

दिल्ली में सजा भारत एक्सपोर्ट सम्मिट एंड अवार्ड्स 2026 का दूसरा संस्करण

सन्मार्ग संवाददाता

नई दिल्ली : भारत एक्सपोर्ट सम्मिट एंड अवार्ड्स 2026 के दूसरे संस्करण का आयोजन दिल्ली में किया गया। इस दौरान निर्यात, उद्योग, वित्त, कानून और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सीएस एडवोकेट ममता बिनानी की अध्यक्षता में मयूर विहार स्थित हॉलीडे इन में हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सन्मार्ग ग्रुप के सीएमडी विवेक गुप्त ने कहा कि भारत के निर्यात क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए उद्योग, सरकार और नीति-निर्माताओं के बीच समन्वय आवश्यक है। भारत एक्सपोर्ट सम्मिट जैसे मंच निर्यातकों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नए अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस दौरान विवेक गुप्त ने ममता बिनानी द्वारा लिखित सोशल स्टॉक एक्सचेंज नामक पुस्तक का विमोचन किया। वहीं मुख्य आकर्षक रहे मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विवेक विंद्रा। उन्होंने तीस प्रमुख एमएसएमई को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एमएसएमई को लोकल से ग्लोबल की तरफ जाना पड़ेगा। सांसद नीरज शेखर सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा एमएसएई सम्पर्क से अमित कुमार, सुमित कुमार बिनानी भी मौजूद थे।

भारत एक्सपोर्ट सम्मिट 'मेक इन इंडिया' और 'एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' की अवधारणा को समर्पित है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर लाने के साथ ही नीति, वित्त, प्रौद्योगिकी और विपणन से जुड़ी जानकारियां एवं अवसर उपलब्ध कराते हुए प्रतिस्पर्धी बनाना है। सम्मिट में विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे, जबकि कई महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस अवसर पर निर्यात क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले उद्यमियों और संस्थानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की चेयरपर्सन डॉ. ममता बिनानी, जो दिवाला एवं शोधन अक्षमता (इंसॉल्वेंसी) के क्षेत्र में देश की पहली पेशेवर महिला हैं, ने एसएमई, आईपीओ, जीईएम फाइनेंस और नीति संबंधी विषयों पर आयोजित सत्रों का संचालन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्यात क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और उन्हें साकार करने के लिए उद्योग, वित्तीय संस्थानों तथा नीति-निर्माताओं के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता है। ऐसे मंच उद्यमियों को ज्ञान, नेटवर्किंग और नए कारोबारी अवसर उपलब्ध कराने के साथ भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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