सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर को विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस (IDPD) का विषय “सामाजिक प्रगति के उन्नयन हेतु दिव्यांग-समावेशी समाजों का संवर्धन” घोषित किया गया । इस अवसर पर राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान ,कोलकाता द्वारा 2 दिसंबर को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ प्रातः 10 बजे आर.एस.एम (RSM) स्क्वायर हिंद सिनेमा के निकट से हुआ, जो वाई-चैनल तक निकाली गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. ललित नारायण द्वारा किया गया। इस रैली में राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान तथा कोलकाता स्थित इसके क्षेत्रीय केंद्रों, अ.या.जं.रा.वा.श्र.सं. तथा रा.बौ.दि.स.सं., के लगभग 500 से अधिक दिव्यांगजन, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। निदेशक, डॉ. ललित नारायण ने रैली में प्रतिभागियों के उत्साह, प्रतिबद्धता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु उनके योगदान की सराहना की।
रैली के दौरान पवन कुमार पाटोदिया, (सी.ए.), उपाध्यक्ष, स्पेशल ओलंपिक भारत, अध्यक्ष स्पेेशल ओलंपिक पश्चिम बंगाल सुभाष चन्द्र अगरवाल, सी.एम.डी., मैथन अलॉयज लि., डॉ सिद्धार्थ पाण्डेय, चीफ एक्जुकेटिव ऑफीसर, एच.आर.डी. इंडिया, सुमित अगरवाल, ब्रांड अम्बेस्डर, एन.आई.एल.डी. एवं जे.एस.मेहता, संस्थापक एवं अध्यक्ष महावीर सेवा सदन, कोलकाता उपस्थित थे।
इस अवसर पर संस्थान में दिनांक 2 एवं 3 दिसम्बर को दिव्यांगजनों, मरीज तथा छात्रों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता, पोस्टर, श्लोगन, प्रश्नोत्तरी, निबन्ध, खेल एवं चित्रकला आदि प्रतियोगिताएं एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जा रहा है। 3 दिसंबर को दिव्यांगजनों एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। कार्यक्रम के अंत में संस्थान. के निदेशक विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।
मुख्य बातें
दिव्यांग-समावेशी समाज की ओर कदम—कोलकाता में जागरूकता रैली का भव्य आयोजन”
“दिव्यांगजन के सम्मान में एकजुट कदम—एन.आई.एल.डी. की जागरूकता रैली”
“समावेश की शक्ति: 500+ प्रतिभागियों के साथ कोलकाता में प्रेरक रैली”
“IDPD 2025: सामाजिक प्रगति हेतु दिव्यांग-समावेशन का संदेश लिए निकली रैली”
“समानता की ओर बढ़ते कदम—राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांगजन संस्थान की प्रेरक पहल”
“दिव्यांग-सशक्तिकरण का उत्सव—रैली, प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम”