कोलकाता : पश्चिम बंगाल को तकनीक का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता बनाने के लिए प्रतिभा, उद्यमिता, निवेश और मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है। यह बात पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रभारी मंत्री डॉ. कल्याण चक्रवर्ती ने आईसीटी ईस्ट के 25वें संस्करण के उद्घाटन सत्र में कही।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक भारत के वर्तमान को तेजी से बदल रहे हैं। इनका असर कारोबारी गतिविधियों, सरकारी प्रशासन और नागरिकों के साथ तकनीक के संबंधों पर भी पड़ रहा है।
ऐसे में पूर्वी भारत की तकनीकी प्रगति नवाचार, प्रभाव और समावेशन पर आधारित होनी चाहिए, ताकि डिजिटल बदलाव का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंच सके।
मंत्री डॉ. कल्याण चक्रवर्ती ने बताया कि राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल एआई मिशन तैयार कर लिया है और अब इसके क्रियान्वयन की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य के डेटा सेंटरों को मजबूत करने और एआई तथा क्वांटम तकनीक के इकोसिस्टम के विस्तार के लिए नई रूपरेखा तैयार की जा रही है।
आईसीटी ईस्ट के 25वें संस्करण की इस वर्ष की थीम ‘पूर्वी भारत एआई के युग में: नवाचार, प्रभाव और समावेशन’ है। कार्यक्रम का उद्देश्य एआई से पैदा होने वाले नए अवसरों की संभावनाओं को तलाशना और पूर्वी भारत के तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में ‘बिल्डिंग वेस्ट बंगाल्स न्यू एज आईटी, ईएसडीएम, सेमीकंडक्टर एंड एआई/एमएल इकोसिस्टम’ नामक रिपोर्ट भी जारी की गई। रिपोर्ट में तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, शोध एवं नवाचार और सुगम शासन से जुड़ी कई सिफारिशें दी गई हैं।
गूगल क्लाउड इंडिया के प्रबंध निदेशक शशि श्रीधरन ने एआई की तेजी से बदलती प्रकृति पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी बदलाव के दौर में संगठनों और कर्मचारियों को लगातार नई चीजें सीखने और पुरानी कार्यप्रणालियों को छोड़ने की जरूरत होगी।
दसॉ के प्रबंध निदेशक दीपक एन.जी. ने उद्योगों में एआई की बढ़ती भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि कंपनियों को अपने एंटरप्राइज डेटा की सुरक्षा और उपयोग पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उद्योग-विशिष्ट एआई क्षमताएं विकसित की जा सकें।
उन्होंने वर्चुअल ट्विन्स की संभावनाओं का भी उल्लेख किया, जो उद्योगों और शिक्षा जगत के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकते हैं। टीसीजी डिजिटल के सीईओ देबदास सेन ने एआई को बंगाल के लिए बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि अब सवाल यह है कि क्या बंगाल इस तकनीकी बदलाव का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक इच्छाशक्ति और संकल्प दिखा सकता है।
सीआईआई ईआर आईसीटी उप-समिति के अध्यक्ष और आईटीसी लिमिटेड के ग्रुप सीडीआईओ प्रोसेनजित सेनगुप्ता ने कहा कि एआई का विकास अब कोपायलट से आगे बढ़कर ऐसे एआई एजेंटों तक पहुंच गया है, जो पूरे वर्कफ्लो को संचालित करने में सक्षम हैं।
उन्होंने पूर्वी भारत के लिए तकनीक के केवल इस्तेमाल करने वाले क्षेत्र से आगे बढ़कर तकनीक का निर्माता बनने के अवसर पर जोर दिया। वहीं सीआईआई ईआर आईसीटी उप-समिति के सह-अध्यक्ष और टीसीएस के डिलीवरी सेंटर हेड मनोजित सेनगुप्ता ने कहा कि भारत के एआई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के साथ पूर्वी भारत के पास देश के उभरते एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण योगदान देने का अवसर है।
कुल मिलाकर, आईसीटी ईस्ट के मंच से बंगाल में एआई, सेमीकंडक्टर, ईएसडीएम और नई पीढ़ी की आईटी तकनीकों के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने तथा पूर्वी भारत को तकनीक का निर्माता बनाने पर विशेष जोर दिया गया।