सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : द बंगाल रोइंग क्लब (BRC) में भारत की विविध और समृद्ध संगीत परंपरा की तीन दिवसीय संगीत महोत्सव ‘जश्न-ए-मौसीकी’ की शुरुआत शुक्रवार को हुई । क्लब की एंटरटेनमेंट कमेटी द्वारा आयोजित यह महोत्सव 16 से 18 जनवरी 2026 तक बीआरसी लॉन्स, हॉल्स और क्लब परिसर के विभिन्न स्थलों पर आयोजित किया गया है।
क्लब द्वारा अब तक आयोजित सबसे बड़े संगीत महोत्सव के रूप में परिकल्पित, जश्न-ए-मौसीकी एक ही मंच पर भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक परंपराएँ, फ्यूज़न, कथावाचन, तथा विंटेज, रेट्रो और समकालीन बॉलीवुड संगीत को एक साथ प्रस्तुत करेगा। सुबह से देर रात तक चलने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव में तीन अलग-अलग मंचों पर एक दर्जन से अधिक चयनित कार्यक्रम होंगे, जिनमें देशभर से आए 100 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। यह महोत्सव कोलकाता के सबसे व्यापक सांस्कृतिक आयोजनों में से एक होगा।
महोत्सव की शुरुआत पहले दिन भावपूर्ण भजनों के साथ मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद क़ाफ़िला द्वारा सूफ़ी और लोक संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी। दूसरे दिन राजस्थानी लोक संगीत की प्रस्तुति भुट्टे ख़ान मंगनियार करेंगे। इसके साथ ही प्रसिद्ध गीतकार समीर अंजन के साथ एक संवादात्मक संगीत सत्र, फौज़िया दस्तानगो द्वारा ‘दास्तान-ए-मीना कुमारी’, कबीर कैफ़े द्वारा लोक-फ्यूज़न, और ग़ज़ल गायक तलत अज़ीज़ की यादगार प्रस्तुति दर्शकों को भावविभोर करेगी।
तीसरे दिन निज़ामी बंधु की क़व्वालियाँ, लेखक एवं पत्रकार सहर ज़मान द्वारा महान गायक तलत महमूद को समर्पित श्रद्धांजलि, हरगुन कौर द्वारा पंजाबी लोक संगीत, बंगाल के संगीत आइकन पंकज मुल्लिक को समर्पित विशेष प्रस्तुति, और समकालीन बॉलीवुड गायक स्टीविन बेन की भव्य समापन प्रस्तुति होगी।
तीनों दिनों के दौरान शास्त्रीय वाद्य संगीत की भी विशेष झलक देखने को मिलेगी, जिसमें अंजन चट्टोपाध्याय (सितार), सौमल्या मुखोपाध्याय (मोहन वीणा), प्रण गोपाल बंद्योपाध्याय (तबला) और मिथुन चक्रवर्ती (पखावज) शामिल हैं। वहीं, पं. दीपक मिश्रा और पं. प्रकाश मिश्रा द्वारा प्रस्तुत सूर्योदय राग सत्र श्रोताओं को एक शांत और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा।
द बंगाल रोइंग क्लब की सुरम्य झील के किनारे स्थित पृष्ठभूमि में आयोजित यह महोत्सव लगभग 3,500 से अधिक संगीत प्रेमियों को आकर्षित करने की उम्मीद है।
“जश्न-ए-मौसीकी हमारे क्लब और शहर में पहली बार इस स्तर का आयोजन है, जो हर आयु वर्ग के संगीत प्रेमियों की रुचियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इतने बड़े स्तर पर कलाकारों का समागम कोलकाता में पहले कभी नहीं हुआ।”महोत्सव से पहले एंटरटेनमेंट कमेटी के चेयरमैन रोहित बिहानी ने कहा
“द बंगाल रोइंग क्लब में हम मानते हैं कि संस्कृति ही सामुदायिक जीवन की आत्मा है। जश्न-ए-मौसीकी संगीत, कविता और कथावाचन को एक मंच पर लाने का हमारा ईमानदार प्रयास है। यह महोत्सव भावनाओं को जगाने, संवाद को प्रोत्साहित करने और सामूहिक आनंद की भावना को मजबूत करेगा।”द बंगाल रोइंग क्लब के अध्यक्ष मुनीश झाझरिया ने कहा
अपने भव्य स्वरूप, विविध प्रस्तुतियों और रमणीय परिवेश के साथ जश्न-ए-मौसीकी कोलकाता के शीतकालीन सांस्कृतिक कैलेंडर का एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन साबित होने जा रहा है।