कोलकाता : हवाई यात्रियों को एयरपोर्ट पर जल्द प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई DigiYatra सुविधा कोलकाता एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गई। मंगलवार और बुधवार को सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के चलते कई यात्रियों को प्रवेश द्वार पर इंतजार करना पड़ा।
कहीं QR कोड स्कैन नहीं हो रहा था, तो कहीं चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक ठीक से काम नहीं कर रही थी। इसके कारण एयरपोर्ट के प्रवेश द्वारों पर भीड़ जमा हो गई।
30 से 45 मिनट तक प्रभावित रही सेवा
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, DigiYatra सिस्टम में आई तकनीकी खराबी लंबे समय तक नहीं रही। एक अधिकारी ने बताया कि तकनीकी समस्या करीब 30 से 45 मिनट तक बनी रही। इसके बाद तकनीकी टीम ने तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर होने वाले रखरखाव और सिस्टम के पुनर्समायोजन के कारण कभी-कभी ऐसी समस्या सामने आ सकती है। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टेलीकॉम नेटवर्क में अचानक आई खराबी भी इस परेशानी की वजह बनी। नेटवर्क पूरी तरह ठप होने के कारण कुछ समय के लिए सेवा रोकनी पड़ी थी। यात्रियों को इसकी जानकारी भी दी गई थी।
गेट नंबर 1 और 2 पर यात्रियों ने की शिकायत
DigiYatra की खराब व्यवस्था को लेकर यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी नाराजगी जाहिर की। Harold Finch नाम के यात्री ने सवाल उठाया कि कोलकाता एयरपोर्ट पर DigiYatra अक्सर ठीक से काम क्यों नहीं करता। उन्होंने बताया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान यात्रियों को QR कोड दिखाते समय मोबाइल स्क्रीन की ब्राइटनेस बढ़ाने की सलाह देते हैं।
QR कोड और फेस रिकग्निशन की दोहरी जांच
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अंतर्गत आने वाले एयरपोर्ट पर प्रवेश के लिए दो स्तरों पर जांच होती है। इसमें पहले डिजिटल बोर्डिंग पास का QR कोड स्कैन किया जाता है और फिर बायोमेट्रिक फेस रिकग्निशन से यात्री की पहचान की जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह दोहरी जांच जरूरी है। हालांकि, यात्रियों की मांग है कि कोलकाता एयरपोर्ट पर भी दिल्ली और मुंबई के निजी तौर पर संचालित एयरपोर्ट की तरह केवल चेहरे की पहचान के आधार पर प्रवेश की सुविधा होनी चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक, QR कोड की जांच हटाने के लिए AAI के पूरे नेटवर्क में बदलाव करना होगा।