राज्य विधानसभा में पारित विश्वविद्यालय और कॉलेजों से जुड़े संशोधन विधेयक के खिलाफ मंगलवार को कॉलेज स्ट्रीट में वेबकुटा, अबूटा, जुटा, कुटा, जूरसा समेत 20 से ज्यादा शिक्षक संगठनों ने संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया। ‘द यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेजेस (एडमिनिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026’ 10 सितंबर को विधानसभा के विशेष सत्र में पारित हुआ था।
शिक्षकों की मुख्य आपत्ति विधेयक में प्रस्तावित अंतर-विश्वविद्यालय तबादले की व्यवस्था को लेकर है। इसके तहत विश्वविद्यालयों के शिक्षक, शिक्षाकर्मी, अधिकारी और पुस्तकालयाध्यक्षों को दूसरे विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित किए जाने का प्रावधान है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इससे शोध कार्य प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से शोधार्थियों के बीच में गाइड या पर्यवेक्षक बदलने से उनकी शोध प्रक्रिया बाधित होने की आशंका जताई गई है।
विभिन्न शिक्षक संगठनों ने पहले ही राज्यपाल और कुलाधिपति आर.एन. रवि से विधेयक पर हस्तक्षेप कर इसे वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि इससे शिक्षकों की सेवा शर्तों, शोध और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर असर पड़ सकता है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि मांग नहीं मानी गयी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।