कोलकाता : महानगर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में पिछले एक सप्ताह के दौरान अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई मरीजों में संक्रमण के लक्षण गंभीर पाए जा रहे हैं और निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों को भर्ती किए जाने का सिलसिला जारी है।
चिकित्सकों के अनुसार, जुलाई से ही शहर में H1N1 के मामले सामने आ रहे थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इनमें फिर तेजी देखी गई है।
पीयरलेस अस्पताल में लगातार भर्ती हो रहे मरीज
पीयरलेस अस्पताल के मुख्य माइक्रोबायोलॉजिस्ट के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में पॉजिटिव मामलों में मामूली बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल में पिछले करीब एक महीने से लगातार 7-8 H1N1 मरीज भर्ती रहे हैं। इनमें कुछ मरीजों में लक्षण काफी गंभीर रहे, हालांकि अस्पताल में किसी मौत की सूचना नहीं है।
उन्होंने बताया कि मौसमी फ्लू के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं और दोनों संक्रमणों के लक्षण मिलते-जुलते होने के कारण कई मरीजों की जांच कराई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, लगातार तेज बुखार, ऊपरी श्वसन तंत्र का संक्रमण, शरीर में तेज दर्द और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
बुजुर्गों और पहले से अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक बताया गया है।
मनीपाल में जुलाई में करीब 80 मरीजों में दिखे लक्षण
वहीं, मनीपाल अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ के अनुसार, वहां स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज मई से ही आने लगे थे, जो सामान्य स्थिति की तुलना में असामान्य रूप से जल्दी है। जुलाई में अकेले धाकुरिया यूनिट में करीब 80 मरीजों में ऐसे लक्षण मिले और उनमें से बड़ी संख्या में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।
मरीजों की संख्या में अभी कमी नहीं आई है। चारनॉक अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल के इमरजेंसी प्रमुख ने बताया कि कुछ मरीजों की जांच पॉजिटिव आई, जबकि कई लोगों को गंभीर ऊपरी श्वसन संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
इसके विपरीत बी पी पोद्दार अस्पताल में अब तक स्वाइन फ्लू का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। चिकित्सकों का कहना है कि मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और अधिक नमी H1N1 के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती हैं। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए फ्लू वैक्सीनेशन को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।