फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

नेपाल बाढ़ : कसबा की 66 वर्षीय सुष्मिता भट्टाचार्य भी लापता, परिवार बेसुध

48 घंटे बाद भी नहीं चल रहा है पता

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच कोलकाता के कसबा निवासी 66 वर्षीय सुष्मिता भट्टाचार्य का परिवार भी बेहद चिंतित और परेशान है। सुष्मिता उस 32 पर्यटकों के समूह का हिस्सा थीं, जो ''चलो जाई'' ट्रैवल क्लब के माध्यम से नेपाल यात्रा पर गए थे और आपदा के बाद से जिनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। उनकी बेटी तियाशा चट्टोपाध्याय ने बताया कि घटना के बाद से उनका न तो अपनी मां से संपर्क हो पा रहा है और न ही टूर ऑपरेटर के प्रबंधकों से कोई बात हो पा रही है।

तियाशा ने कहा, "उन्हें उस इलाके से गुजरना था जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। हमें उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। हमारी आखिरी बार फोन पर रविवार को बात हुई थी। सोमवार को उन्होंने मैसेज कर बताया था कि वे काठमांडू से निकल चुकी हैं और यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। मंगलवार को उन्होंने फिर मैसेज किया कि वे नेपाल-तिब्बत सीमा पर पहुंच गई हैं और बुधवार को तिब्बत में प्रवेश करने का कार्यक्रम है। उसके बाद से उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।

इमिग्रेशन काउंटर पर थीं सुष्मिता, अनहोनी की आशंका से सहमा परिवार

ट्रैवल एजेंसी के हवाले से तियाशा ने बताया कि पर्यटक सीमा के पास स्थित ''सुमन गेस्ट हाउस'' में ठहरे हुए थे और सुबह 6:30 बजे तक वे इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंच चुके थे। उन्होंने आगे कहा, "बाढ़ सुबह करीब 8:45 बजे आई। टूर एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि तब तक मेरी मां जिस ग्रुप में थीं, वह तिब्बत में प्रवेश कर चुका होगा। लेकिन यह सब केवल अनुमान है, क्योंकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मूल रूप से बारासात कॉलोनी मोड़ की रहने वालीं सुष्मिता भट्टाचार्य का एक मकान कसबा में भी है। परिवार अब लगातार स्थानीय प्रशासन और नेपाल में भारतीय दूतावास से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है ताकि उनकी सुरक्षित वापसी की खबर मिल सके।


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