कोलकाता : न्यू अलीपुर इलाके में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की एक भीड़ ने प्रसिद्ध दुर्गा पूजा क्लब 'सुरुचि संघ' पर धावा बोल दिया और वहां जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ती देख इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल के साथ केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा। यह क्लब राज्य के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास और उनके भाई स्वरूप विश्वास से जुड़ा हुआ है। शुक्रवार दोपहर को न्यू अलीपुर के ब्लॉक-एम स्थित क्लब परिसर के बाहर एक बड़ी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने विश्वास भाइयों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धमकी के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ताले तोड़कर क्लब के विभिन्न कमरों में प्रवेश किया और फर्नीचर व अन्य सामान को तहस-नहस कर दिया। टेलीविजन सेट, फाइलें और अन्य सामग्रियां सड़क पर खींच ली गईं, जबकि क्लब से जुड़े पोस्टर और होर्डिंग्स को फाड़ दिया गया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि एक सामुदायिक संस्थान होने के बावजूद यह क्लब आम लोगों की पहुंच से दूर हो चुका था। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "क्लब के पदाधिकारियों ने इस परिसर का उपयोग जन कल्याण से इतर गतिविधियों के लिए किया। हमें अंदर से महंगे बेड, लग्जरी सामान, कीमती साड़ियाँ और इलेक्ट्रॉनिक आइटम मिले हैं। एक सार्वजनिक क्लब के भीतर इन चीजों का क्या काम?"। तोड़फोड़ के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उन्हें क्लब के अंदर से पिछले नगर निगम चुनावों से जुड़े दस्तावेज, मतदाता सूचियां, पोलिंग एजेंटों के निर्देश पत्र और फिल्म उद्योग में काम के लिए आए आवेदनों के बंडल मिले हैं। हालांकि, फिलहाल इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है।
दशकों पुराना है सुरुचि संघ का इतिहास
1952 में स्थापित सुरुचि संघ क्लब कोलकाता में अपनी भव्य और थीम-आधारित दुर्गा पूजा के लिए देश भर में जाना जाता है। स्वरूप विश्वास इस क्लब के सचिव के रूप में कार्यरत थे। यह क्लब इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित कलकत्ता फुटबॉल लीग प्रीमियर डिविजन में भी भाग लेता है। हर साल दुर्गा पूजा के दौरान यहाँ राज्य के शीर्ष नेताओं और लाखों दर्शनार्थियों का जमावड़ा लगता रहा है।